नैनीताल में दुकान से लौट रहे अंश पर गुलदार का हमला,हिम्मत दिखाने पर बची ज़िंदगी
नैनीताल:-20 सितंबर 2026
नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र में गुलदार की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।विजयपुर गांव में दुकान से सामान लेकर घर लौट रहे 10 वर्षीय बच्चे पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। घटना घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर हुई। बच्चे ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गुलदार वहां से भाग गया।
जानकारी के मुताबिक, विजयपुर गांव निवासी अंश शनिवार शाम करीब सात बजे घर के पास स्थित दुकान से सामान लेकर वापस लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में झाड़ियों के पास छिपे गुलदार ने अचानक उस पर झपट्टा मार दिया।
हमले से बच्चा घबरा गया, लेकिन उसने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़े। लोगों की आवाजाही देखकर गुलदार मौके से निकलकर जंगल की ओर चला गया।
गुलदार के हमले में अंश के चेहरे पर पंजे के निशान आए हैं। उसकी आंखें भी हमले की चपेट में आने से बच गईं। घटना के बाद बच्चे को उपचार दिलाया गया। फिलहाल उसकी हालत को लेकर परिजनों की ओर से किसी गंभीर खतरे की जानकारी नहीं दी गई है।
घटना के बाद विजयपुर गांव में लोगों के बीच डर का माहौल है। सामने आए एक वीडियो में गुलदार घरों के नजदीक बैठा दिखाई दे रहा है। गांव वालों का कहना है कि आबादी वाले इलाके के आसपास उसकी लगातार मौजूदगी से शाम के बाद बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण अब अंधेरा होने से पहले ही जरूरी काम निपटाकर घर लौटने को मजबूर हैं। लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है। नैनीताल जिले के अन्य ग्रामीण इलाकों में भी गुलदार की गतिविधियां सामने आती रही हैं। हल्द्वानी के बेरीपड़ाव क्षेत्र में भी देर रात गुलदार के एक पालतू कुत्ते को शिकार बनाए जाने की सूचना मिली है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ गई है।
गुलदार के हमले की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने घटना की जानकारी जुटाई। गदगदिया रेंज के वन क्षेत्राधिकारी जगदीश जोशी के अनुसार, घायल बच्चे का उपचार कराया गया है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव के आसपास नियमित निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि आबादी के नजदीक गुलदार की गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।
