उत्तराखण्ड STF का बड़ा एक्शन:जम्मू-कश्मीर तक फैले साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़,दो शातिर गिरफ्तार।
डिजिटल अरेस्ट स्कैम के जरिए 65 लाख की ठगी,7 राज्यों में फैले संगठित गिरोह का खुलासा,श्रीनगर (बडगाम) से हुई गिरफ्तारी
देहरादून-09 अप्रैल 2026
एसटीएफ की साइबर टीम ने डिजिटल अरेस्ट और बैंक खातों के जरिए देशभर में ठगी करने वाला संगठित गिरोह के दो साइबर ठगों को श्रीनगर (बडगाम) से गिरफ्तार किया। देश के 7 राज्यों में दर्ज शिकायतों से संगठित साइबर ठगी नेटवर्क फैला हुआ है।
बता दें कि देहरादून निवासी 71 वर्षीय बुजुर्ग ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 21 नवंबर 2025 को अज्ञात व्यक्तियों ने उनके मोबाइल पर कॉल कर खुद को टेलीकम्युनिकेशन विभाग का अधिकारी बताया गया और उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने की जानकारी देकर भयभीत किया गया। साइबर ठगों ने पीड़ित को अन्य मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया, जहां खुद को सीबीआई/दिल्ली पुलिस अधिकारी बताते हुए उनके नाम से दिल्ली स्थित बैंक खाते के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग होने की झूठी जानकारी दी गई।इसके बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस अधिकारी की वर्दी में फर्जी दस्तावेज और गैर-जमानती वारंट दिखाकर पीड़ित को डराया गया और बैंक खातों के सत्यापन के नाम पर धनराशि अलग-अलग खातों करीब 65 लाख रुपए की धनराशि में ट्रांसफर कराई गई। कुछ समय बाद पीड़ित को खुद के साथ साइबर ठगी होने का आभास हुआ, जिस पर पीड़ित ने शिकायत दर्ज करायी गयी। साइबर पुलिस द्वारा की कार्रवाई में प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साइबर अपराध आरोपी को चिन्हित करते हुए आरोपी की तलाश जारी की। जिसके बाद जानकारी मिली कि शौकत हुसैन मलिक निवासी जिला बड़गाम,जम्मू कश्मीर और बिलाल अहमद जो फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल षड्यंत्रपूर्वक बैंक खाते उपलब्ध कराकर संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था। जिसके बाद साइबर क्राइम पुलिस टीम को स्थानीय स्तर पर विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय व्यक्तियों द्वारा बड़ी संख्या में थाना परिसर से लेकर न्यायालय परिसर तक एकत्र हुए. इसके बावजूद पुलिस टीम ने दोनों आरोपी शौकत हुसैन और बिलाल मालिक को थाना बड़गाम,जिला बडगाम, जम्मू कश्मीर से गिरफ्तार किया गया और न्यायालय से पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया।
अज्ञात साइबर ठगों द्वारा बैंक खाते उपलब्ध कराकर संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था। विवेचना के दौरान बैंक खाते संख्या और उससे लिंक मोबाइल नंबर के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन की जानकारी प्राप्त हुई। तकनीकी विश्लेषण में पाया गया कि आरोपी फर्जी बैंक खातों,मोबाइल सिम और एटीएम कार्ड का उपयोग कर साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकालते थे।आरोपियों ने अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को खातों में जमा कर एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन के माध्यम से निकासी की जाती थी ।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया है कि जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित बैंक खाते के खिलाफ उत्तराखंड समेत देश के 07 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। इस प्रकार आरोपी संगठित गिरोह बनाकर डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों के माध्यम से देशभर में लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। साथ ही आरोपी जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है, उसमें मात्र कुछ माह में ही लाखों रुपयों का लेन-देन हुआ है। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित बैंक खाते के खिलाफ उत्तराखंड समेत देश के 7 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। जिसके संबंध में जानकारी के लिए अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है।
