मेहलचौरी नागाचूलाखाल मार्ग की पुलिया ध्वस्त,यातायात ठप्प,कामचलाऊ यातायात बहाल करने में भी लगेगा सप्ताहभर का समय।
बारातों के सीजन में 100 से ज्यादा गांवों की बढ़ेगी परेशानी,40 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा।
नागाचूलाखाल (मेहलचौरी)- 18 अप्रैल 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला.
विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत मेहलचौरी-नागाचूलाखाल सड़क मार्ग पर 10 किलोमीटर आगे बीना गांव के समीप बनी पुलिया ध्वस्त होने से यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया है। गनीमत रही की इस दौरान दोपहर का खाना खाने गये श्रमिकों की जान बाल-बाल बच गयी। पुलिया के पूरी तरह टुट जाने से गैरसैंण क्षेत्र के दर्जनों गांवों के साथ ही जनपद अल्मोड़ा व पौडी के सीमांत इलाके के 100 से ज्यादा गांवों का आवागमन भी ठप्प हो गया है, जिससे अब मेहलचौरी-गैरसैंण आने वाले लोगों को रोहिडा-धुनारघाट के रास्ते 40 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पडेगा। दूसरी तरफ बारातों का सीजन शुरू होने से अब लोगों की परेशानियां बढ़नी भी तय हैं। जबकि पुलिया पर कामचलाऊ यातायात शुरू करने में सप्ताह भर का समय लगने की उम्मीद है। पहले से क्षतिग्रस्त पुलिया पर भारी वाहनों का आवागमन बंद न किए जाने से पुलिया पूरी तरह ध्वस्त हो गयी।
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर लगभग 2:30 बजे पुलिया की रिपेयरिंग का काम चल रहा था। इस दौरान पुलिया की सुरक्षा दीवार के टूट जाने से पुलिया का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। गनीमत रही की दोपहर का समय होने के चलते पुलिया की मरम्मत का काम कर रहे,आधा दर्जन श्रमिक नजदीक में ही खाना खाने गए थे, इस दौरान ही यह हादसा हो गया। जिससे बडी जनहानी होने से बच गयी। मेहलचौरी -नागाचूलाखाल को सीधे जोडने वाली एकमात्र सड़क पर आवागमन ठप होने से दर्जनों गांव का संपर्क कट गया है ,वहीं जनपद अल्मोड़ा के देघाट ब्लाक ओर जनपद पौड़ी के थलीसैंण ब्लाक के सीमान्त गांवों का भी आवागमन प्रभावित रहेगा। मामले में कुछ दिनों पूर्व ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा पुलिया पर पड़ रही दरारों को देखते हुए पुल की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा दिवार का निर्माण सप्ताह भर पहले ही शुरू किया गया था,लेकिन इस दौरान यहां से भारी वाहनों की आवाजाही को नहीं रोका गया ,जिसके चलते पहले से क्षतिग्रस्त पुलिया पूरी तरह से ध्वस्त हो गई,जिसका खामियाजा अब आमजन को भुगतना पड़ेगा।
मामले को लेकर आधिक्षण अभियंता जगदीश थपलियाल ने कहा कि बाटाधार-धुनारघाट मोटर मार्ग के सुधारीकरण का काम पर लगे भारी डंपरों के आवागमन को लेकर पहले ही मना कर दिया गया था,इसके बावजूद निर्माणदाई संस्था के भारी वाहन चलते रहे,ओर पुलिया ध्वस्त हो गई। मौके पर पहुंचे सहायक अभियंता आलोक हटवाल ने बताया की पुलिया की गंभीर हालत को देखते हुए सप्ताहभर पहले ही सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य शुरू किया गया था,अब जल्द यातायात शुरू करने के लिए तेज गति से काम किया जाएगा। मामले को लेकर कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने कहा क्षेत्रवासियों की संभावित परेशानी को देखते हुए विभाग को दिन-रात एक कर जल्द से जल्द यातायात सुचारु करने के निर्देश दिए गये हैं।
