दून अस्पताल की इमरजेंसी में बवाल,महिला डॉक्टर और स्टाफ से अभद्रता, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।
देहरादून:-09 अगस्त 2026
उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल दून अस्पताल में शनिवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मेडिकल परीक्षण के लिए पहुंचे दो पक्षों का विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष के कई लोग इमरजेंसी वार्ड में घुस आए, जहां उन्होंने मारपीट करने के साथ अस्पताल के स्टाफ और महिला डॉक्टर से अभद्र व्यवहार किया। इस दौरान इमरजेंसी में रखी फाइलें भी इधर-उधर फेंक दी गईं। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
जानकारी के अनुसार, घटना देर रात करीब 1:20 बजे की है। बताया जा रहा है कि दो पक्षों के बीच पहले अस्पताल के बाहर किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इसके बाद एक पक्ष मेडिकल परीक्षण कराने के लिए दून अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचा। मेडिकल प्रक्रिया चल ही रही थी कि कुछ समय बाद दूसरा पक्ष भी अस्पताल पहुंच गया। दोनों पक्ष आमने-सामने आए तो पहले बहस हुई, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह शांत करा दिया। हालांकि मामला ज्यादा देर तक शांत नहीं रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ देर बाद करीब 15 से 20 युवक दोबारा इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। आरोप है कि बेल्ट, लात-घूंसों और धक्का-मुक्की के बीच अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। इस अचानक हुए घटनाक्रम से इलाज करा रहे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों में दहशत फैल गई। इमरजेंसी वार्ड का सामान्य कामकाज भी कुछ समय के लिए प्रभावित हो गया। स्थिति बिगड़ती देख ड्यूटी पर मौजूद ईएमओ, महिला डॉक्टर, अन्य मेडिकल स्टाफ और सुरक्षा कर्मी बीच-बचाव के लिए आगे आए। आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, इमरजेंसी वार्ड में रखी कई फाइलें भी फेंक दी गईं और सुरक्षाकर्मियों को धमकियां दी गईं। घटना के दौरान मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और हालात पर नियंत्रण किया। पुलिस ने मारपीट में शामिल लोगों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। इसके बाद अस्पताल में स्थिति सामान्य हो सकी। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही दून अस्पताल की प्रिंसिपल डॉ. गीता जैन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. आरएस बिष्ट, डीएमएस डॉ. विनम्र मित्तल, डॉ. शोभा और इमरजेंसी प्रभारी डॉ. एनएस बिष्ट से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने देहरादून के एसएसपी को पत्र भेजकर इमरजेंसी वार्ड में स्थायी रूप से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
गौरतलब है कि दून अस्पताल हाल के दिनों में सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर पहले भी चर्चा में रहा है। करीब 13 दिन पहले अस्पताल की एक एमबीबीएस इंटर्न महिला डॉक्टर ने एक नर्सिंग अधिकारी पर अश्लील संदेश भेजकर परेशान करने का आरोप लगाया था। उस मामले में अस्पताल प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद दो सदस्यीय जांच समिति गठित की थी और आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने अस्पताल परिसर में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं।
