मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट जमीन बिक्री मामले में कांग्रेस ने की जांच की मांग,ग्रामीणों का सरकार पर नहीं रहा भरोसा- मोहन भंडारी।
जमीन के सौदागरों के नेटवर्क के खुलासे की मांग,सरकार पर भू कानून को लेकर गुमराह करने का आरोप।
गैरसैंण:-08 जून 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला.
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण भराड़ीसैंण से सटे मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में बड़ी मात्रा में बिक रही जमीनों का मामला लगातार चर्चाओं में बना हुआ है,जिसको लेकर एक तरफ सत्ता पक्ष भाजपा से जुडे लोग फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं ,तो वहीं विपक्षी कांग्रेस पार्टी के लोग मामले में सत्ता पक्ष की ही मिली भगत बताकर ,मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। जिसको लेकर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय गैरसैंण पहुंचकर उप जिलाधिकारी अबरार अहमद को ज्ञापन सौंपकर मामले की गहन जाँच किए जाने की मांग रखी।
कांग्रेस नेता ओर गैरसैंण नगर पंचायत के अध्यक्ष मोहन भंडारी के नेतृत्व में तहसील पंहुचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच न होने पर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। मोहन भंडारी ने कहा कि भोले भाले किसानों को बरगलाकर व्यावसायिक उपयोग के लिए औने-पौने दामों में कृषि भूमि खरीदने वाले नेटवर्क का भी खुलासा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जमीनें बेचे जाने का सीधा मतलब है की मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम के लोगों का सरकार पर से भरोसा उठ चुका है। सारकोट गांव गैरसैंण विकास परिषद अधिनियम 2014 का हिस्सा है,जिसके चलते भविष्य की योजनाओं को देखते हुए जमीनों की खरीद बिक्री पर प्रशासन को कड़ी नजर रखने की आवश्यकता थी,जबकि मामले में तहसील प्रशासन एक तरफ मूक दर्शक ही नहीं बना हुआ है ,बल्कि अधूरी जानकारीयां देकर गुमराह भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बेची गई 50 नाली भूमि में सरकारी नियमों का उल्लंघन होने की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार भू कानून पर अपनी पीठ थपथपाते हुए रैलियां निकालकर आमजन को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है, वहीं मिल रही सूचनाओं के अनुसार गैरसैंण में घूम रहे जमीनों के सौदागर सत्ता पक्ष के बड़े नेताओं के साथ अपने संबंधों का हवाला देकर आमजन के साथ ही स्थानीय प्रशासन पर भी दबाब बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में जहां विधानसभा परिक्षेत्र को गैरसैंण विकास परिषद की संवैधानिक मान्यता देकर जमीनों की खरीद फरोख्त पर हरीश रावत सरकार ने लगाम लगाई थी, वहीं भाजपा सरकार ने आते ही सबसे पहले जमीनों की लूट का रास्ता खोला है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच किए जाने के साथ ही बेची गई भूमि के उपयोग की जानकारी सार्वजनिक किए जाने के साथ ही तत्काल भूमि की खरीद फरोख्त पर रोक लगाई जाने की मांग की है,इस दौरान दान सिंह नेगी, प्रदीप कुंवर, संदीप धीमन, पंकज रावत,दीपक पुरोहित, रणजीत सिंह ,कुलदीप चौहान, राकेश सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।
