एम्स में बेड न मिलने से झुलसे कर्मचारी की मौत,रेफरल व्यवस्था पर उठे सवाल।
पौड़ी-30 मई 2026
पौड़ी जनपद के विकासखंड कोट में बीते दिनों हुई दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विकासखंड कार्यालय में कार्यरत सरकारी कर्मचारी भरत भंडारी अज्ञात कारणों से लगी आग में करीब 75 प्रतिशत तक झुलस गए थे। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पौड़ी ले जाया गया,जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया।
परिजनों के अनुसार,एम्स पहुंचने पर भरत भंडारी को तत्काल बेड उपलब्ध नहीं हो सका, जिसके चलते उनका उपचार शुरू नहीं हो पाया। बाद में उन्हें जॉली ग्रांट अस्पताल भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की रेफरल प्रक्रिया और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। बड़ा सवाल ये है कि, जब मरीज की हालत अत्यंत गंभीर थी और उसे एम्स रेफर किया गया था,तो क्या जिला अस्पताल प्रशासन ने पहले से एम्स से संपर्क कर बेड और उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित की थी या नहीं। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानी जा रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि प्रोटोकॉल के अनुसार किसी भी गंभीर मरीज को रेफर करने से पूर्व संबंधित अस्पताल से समन्वय स्थापित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भरत भंडारी की मौत ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं और रेफरल सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया है। अब सभी की निगाहें जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
