स्थापना के 18 साल बाद भी समस्याओं से जूझ रहा समर कैपिटल गैरसैंण का राजीव गांधी नवोदय विद्यालय।

स्थापना के 18 साल बाद भी समस्याओं से जूझ रहा समर कैपिटल गैरसैंण का राजीव गांधी नवोदय विद्यालय।

गणित ,विज्ञान के शिक्षक नहीं तो,एक अदद खेल मैदान का भी टोटा।

रसोईघर ,कर्मचारी आवास ,परिसर सडक, पेयजल की स्थायी जरूरत।

गैरसैंण- 08 अगस्त 2026
रिपोर्ट:-प्रेम संगेला

गैरसैंण नगर के सलियाणा बैंड स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय को अपनी स्थापना के 18 सालों बाद भी तय मानकों की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। इंटर स्तर के आवासीय विद्यालय में एक तरफ गणित,विज्ञान जैसे 4 महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ विभाग मूलभूत ढांचागत सुविधाएं तक नहीं जुटा पाया है।

गैरसैंण जैसे दूरस्थ पहाडी क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए तब 2009 में भुवनचंद्र खण्डूरी सरकार द्वारा स्थापित विद्यालय शुरुआती दिनों में बाजार के समीप राजकीय इंटर कॉलेज परिसर के अंतर्गत ही टिन शेड के भवनों पर चलाया गया था। 17 साल तक विद्यार्थियों सहित विधालय के कर्मचारियों द्वारा तमाम परेशानियों से गुजरने के बाद विधालय को 2025 में गैरसैंण नगर से डेढ किलोमीटर दूर,सलियाणा बैंड पर बने नये परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया था,लेकिन स्थानांतरण के लगभग 1 साल बाद भी भवनों के आगे जमा पानी और कीचड़ परेशानी का सबब बना हुआ है।वहीं खेल मैदान परिसर की सुरक्षा दीवार पक्का कीचन,कर्मचारी आवास निर्माण होना अभी शेष है। अब तक पानी की स्थायी व्यवस्था ओर वैकल्पिक ऊर्जा के लिए लगाया गया जेनरेटर भी अभी शुरू नहीं हो पाया है। वर्तमान में विद्यालय में जनपद चमोली के दूर दराज क्षेत्रों के 146 विद्यार्थियों में से 68 बालक ओर 78 बालिकाएं शामिल हैं।

उल्लेखनीय है की परिसर की सुरक्षा के लिए कामचलाऊ आधी-अधूरी तारबाड भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गयी है,जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है। बालिकाओं की समस्याओं को मनोवैज्ञानिक तौर पर समझने के लिए स्वीकृत मेटर्न का पद स्थापना के बाद से ही खाली चल रहा है। विद्यालय का पक्का रसोईघर न होने से फिलहाल कामचलाऊ टीनशेड में ही नौनिहालों के लिए खाना तैयार किया जाता है। पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था रसोईगाड गधेरे से बोरवेल द्वारा की जा रही है,जिससे गर्मियों में पानी की दिक्कत हो रही है। वैकल्पिक ऊर्जा जरूरत के लिए कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल द्वारा जेनरेटर तो लगाया गया,लेकिन सालभर बाद भी शुरू न होने से कई बार परिसर अंधेरे में डुबा रहता है।

नवोदय विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य आरती गुंसाई ने बताया कि वर्तमान तक निर्माण कार्यों पर लगभग 21 करोड़ रूपया व्यय हुआ है, जबकि अभी भी खेल मैदान,सुरक्षा दीवार,कर्मचारी आवास सहित अन्य जरूरी काम होने शेष हैं।शिक्षकों व मेटर्न की कमी को लेकर प्रतिमाह सूचना विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

ब्रिडकुल के आवासीय अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि शेष कार्यों के लिए पूर्व में भेजा गया आंगणन अस्वीकृत होने के बाद लगभग 38 करोड़ का नया आंगणन शासन को भेज दिया गया है। जिसमें नयी पेयजल योजना,परिसर की सड़क,खेल मैदान,कर्मचारी आवास,सुरक्षा दीवार,किचन निर्माण जैसे जरूरी कार्य अपग्रेडेशन के तहत किए जाने हैं।

जेनरेटर शुरू न होने को लेकर ब्रिडकुल के अभियांत्रिकी इंजीनियर नवीन नेगी ने बताया की प्रबंधन टीम भेजकर जल्द ही जेनरेटर शुरू करवा दिया जाएगा।

विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल ने बताया की बीच के वर्षों में निर्माण कार्य में देरी के चलते निर्माण लागत बढ गयी थी। अब पुनर्आंगणन मंगवाया गया है,जिस पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। विधार्थियों को पढ़ाई के बेहतर माहौल के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं।

विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों में शामिल सुरेंद्र रावत,गब्बर सिंह,लक्ष्मण रावत,राखी व शोभा ने कहा की मानकों के अनुरूप शिक्षकों की नियुक्ति व खेल मैदान का निर्माण अति शीघ्र किया जाना चाहिए। जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ ही खेलकूद का भी मौका मिल सके।

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