बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठी गोपीनाथ की नगरी,हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में धाम के लिए रवाना हुई बाबा रुद्रनाथ की उत्सव डोली।

बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठी गोपीनाथ की नगरी,हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में धाम के लिए रवाना हुई बाबा रुद्रनाथ की उत्सव डोली।

गोपेश्वर- 17 मई 2026

पंचकेदारों में चतुर्थ केदार भगवान श्री रुद्रनाथ की पवित्र उत्सव डोली रविवार को अपने शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर से विधि-विधान एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मूल धाम रुद्रनाथ के लिए रवाना हुई। डोली प्रस्थान के दौरान पूरा गोपेश्वर शिवभक्ति और आस्था में डूबा नजर आया।

चमोली जनपद के गोपेश्वर में स्थित गोपीनाथ की पावन धरा भक्ति,आस्था और गौरवमयी दृश्यों की साक्षी बनी, जब पंच केदारों में चतुर्थ केदार भगवान श्री रुद्रनाथ जी की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर से विधि-विधान एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने मूल धाम के लिए रवाना हुई।

इस अलौकिक एवं पावन अवसर की गरिमा को और अधिक भव्य बनाने हेतु जनपद के प्रभारी व केबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी के साथ जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। उन्होंने भगवान गोपीनाथ एवं बाबा रुद्रनाथ जी की उत्सव डोली के सम्मुख शीश नवाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा चारधाम यात्रा के सकुशल एवं निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की।

इस दौरान भारतीय सेना के बैंड की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं गौरवपूर्ण बना दिया। सेना बैंड की प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया और आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए।

वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-दमाऊ की गूंज और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के मधुर स्वर के बीच जब उत्सव डोली ने प्रस्थान किया तो पूरा गोपेश्वर “बम-बम भोले” और “जय बाबा रुद्रनाथ” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। डोली प्रस्थान यात्रा को भव्य शोभायात्रा का स्वरूप दिया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग शामिल हुए। हर ओर शिवभक्ति का अद्भुत उत्साह और श्रद्धा का सैलाब दिखाई दे रहा था। डोली प्रस्थान के इस दिव्य एवं अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोपेश्वर पहुंचे थे। बाबा रुद्रनाथ के दर्शन और आशीर्वाद को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह एवं अपार श्रद्धा देखने को मिली।

यात्रा के दौरान चमोली पुलिस द्वारा सुरक्षा के व्यापक व पुख्ता इंतजाम किए गए थे। संपूर्ण यात्रा मार्ग पर पुलिस बल तैनात कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था एवं कानून व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा गया।साथ ही इस अवसर पर मंदिर समिति द्वारा जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान धार्मिक आयोजनों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सफल बनाने में प्रशासन एवं पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति आभार स्वरूप प्रदान किया गया।

गौरतलब हो कि पंच केदारों में चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात भगवान श्री रुद्रनाथ जी के कपाट दिनांक 18 मई 2026 को ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे,जिसके बाद बाबा रुद्रनाथ जी ग्रीष्मकाल हेतु अपने मूल धाम में विराजमान होंगे।

बताते चलें कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पंचम केदार में से एक चतुर्थ केदार में भगवान शिव के मुख रूप की पूजा होती है और यहां भगवान अपने एकानन स्वरूप में विराजमान रहते हैं। इसलिए भगवान शिव को यहां एकानन भोलेनाथ के नाम से भी पुकारा जाता है.लगभग 18 किलोमीटर की कठिन दूरी को तयकर भक्त रुद्रनाथ पहुंचते हैं। रुद्रनाथ पहुंचने के लिए गोपेश्वर के मंडल सगर गांव व जोतिर्मठ के उर्गम,डुमुक होते हुए भी पैदल मार्ग से भगवान रुद्रनाथ के धाम पहुंचा जा सकता है। पौराणिक परंपराओं के अनुसार शीतकाल के दौरान 6 माह के लिए भगवान रुद्रनाथ के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद कर दिए जाते हैं और उसके बाद भगवान की उत्सव डोली उनकी शीतकालीन गद्दी स्थल गोपीनाथ मंदिर में विराजमान रहती है 6 माह तक भगवान रुद्रनाथ की नित्य पूजा अर्चना गोपीनाथ मंदिर में होती है जो श्रद्धालु रुद्रनाथ तक नहीं पहुंच पाते हैं वह भगवान रुद्रनाथ के दर्शन गोपीनाथ मंदिर में करते हैं। रुद्रनाथ मंदिर पूरे उत्तर भारत में एकमात्र ऐसा शिव मंदिर है जहां पर भगवान शिव के मुख दर्शन होते हैं, यह मंदिर उत्तराखंड के पांच केदारों में से चतुर्थ केदार के रूप में प्रसिद्ध है।

इस अवसर पर कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, पालिकाध्यक्ष संदीप रावत, दायित्वधारी हरक सिंह नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

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