जम्मू कश्मीर में उत्तराखंड के जवान का निधन,नायब सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया पंचतत्व में विलीन।

जम्मू कश्मीर में उत्तराखंड के जवान का निधन,नायब सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया पंचतत्व में विलीन।

चमोली:-30 अक्टूबर 2026

चमोली के नायक सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। हरिद्वार में उनका अंतिम संस्कार किया गया। वे भारतीय सेना की 11 गढ़वाल राइफल्स में नायक सूबेदार के पद पर तैनात थे। जिनका जम्मू कश्मीर में हृदय गति रुकने के कारण निधन हो गया था। उनके निधन से 7 साल की बेटी और 4 साल के बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया है। जानकारी के मुताबिक, चमोली के हरमल गांव निवासी भारतीय सेना की 11 गढ़वाल राइफल्स के नायक सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में तैनात थे। जहां बीती 28 अक्टूबर को बारामूला में हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पैतृक गांव हरमल समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। 24 सालों तक भारतीय सेना में सेवाएं देकर देश की रक्षा करने वाले जवान के असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

सैन्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले विश्वनाथ के पिता देव सिंह गड़िया भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। वहीं, उनके दो बड़े भाई नरेंद्र सिंह और प्रवीण सिंह भी सेना में सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं। परिवार की तीन पीढ़ियों से जुड़ी सैन्य सेवा की परंपरा के बीच विश्वनाथ का असमय दुनिया से विदा होना परिजनों और क्षेत्रवासियों को गहरा दुख दे गया। नायब सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया अपने पीछे पिता देव सिंह गड़िया, माता नारायणी देवी, पत्नी जानकी देवी, 7 वर्षीय बेटी शानवी और 4 वर्षीय बेटे श्रेयांश को छोड़ गए हैं. पिता की असमय निधन से दोनों मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है. पति को खोने के गम में पत्नी जानकी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। जबकि, बुजुर्ग माता-पिता ने अपने बेटे को खो दिया. इस दुखद घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा है।

नायब सूबेदार विश्वनाथ प्रताप सिंह गड़िया के निधन पर चमोली पुलिस ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वहीं, आज यानी 30 अक्टूबर को हरिद्वार में अंतिम संस्कार के साथ ही वीर सैनिक की अंतिम विदाई हुई।

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