ऊधमसिंह नगर के जसपुर में सर्पदंश के बाद झाड़फूंक में गुजरा समय,बच्ची ने तोड़ा दम।
जसपुर (ऊधमसिंह नगर):-18 सितंबर 2026
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के जसपुर क्षेत्र में सर्पदंश का एक दर्दनाक मामला सामने आ रहा है। भोगपुर डैम के आसपास झोपड़ी में रहने वाली एक बच्ची की सांप के काटने के बाद मौत हो गई। परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़फूंक कराने के लिए एक ओझा के पास ले गए। करीब चार घंटे तक बच्ची का उपचार पारंपरिक तरीके से कराने की कोशिश होती रही। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
जानकारी के मुताबिक, पतरामपुर जंगल से सटे इलाके में विजय बहादुर अपने परिवार के साथ टिनशेड के मकान में रहते हैं। बताया जा रहा है कि देर रात करीब तीन बजे उनकी बेटी पायल को जहरीले सांप ने डस लिया। सर्पदंश के बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिवार उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने के लिए ले गया। परिजनों ने ओझा के यहां बच्ची का इलाज मंत्र, राख और जड़ी-बूटी के जरिए कराने की कोशिश की। करीब चार घंटे तक इसी प्रक्रिया में समय बीत गया, लेकिन पायल की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। इसके बाद परिजनों को उसकी हालत गंभीर नजर आई और वे उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। सुबह करीब आठ बजे पायल को जसपुर अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने बच्ची को बचाने के लिए उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी। तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उसे बचा नहीं सके और उसकी मौत हो गई।
सर्पदंश में समय पर इलाज बेहद जरूरी:-यह घटना एक बार फिर सर्पदंश की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय उपचार की जरूरत को सामने लाती है। सांप के काटने के बाद झाड़फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है। खासकर जहरीले सांप के काटने की स्थिति में इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
