कर्णप्रयाग और नगरासू निहंग सिख विवाद की निष्पक्ष जांच को लेकर उमड़े लोग,युवाओं ने दी आंदोलन की चेतावनी।
रुद्रप्रयाग:-25 जून 2026
नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण और कर्णप्रयाग घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर रुद्रप्रयाग के गुलाबराय मैदान में जनसभा हुई। जनसभा में काफी संख्या युवा और महिलाएं पहुंचीं। सभी ने ‘जय पहाड़, जय पहाड़ी’, ‘निष्पक्ष जांच करो’ और ‘पहाड़ के सम्मान की रक्षा करो’ जैसे नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया।
गुलाबराय मैदान में आयोजित जनसभा में उत्तराखंड क्रांति दल के नेता आशीष नेगी, युवा नेता मोहित डिमरी, सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान, पालिकाध्यक्ष संतोष रावत, अरुण नेगी समेत तमाम युवा नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। साथ ही दोनों घटनाओं की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यदि न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।
जनसभा को संबोधित करते हुए यूकेडी नेता आशीष नेगी ने कहा कि ‘जय पहाड़, जय पहाड़ी’ केवल एक नारा नहीं बल्कि, पहाड़ की अस्मिता, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरासू और कर्णप्रयाग की घटनाओं को आपस में जोड़कर वास्तविक मुद्दों को कमजोर करने का प्रयास किया गया है,जबकि पहाड़वासियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे पहाड़ के सम्मान और न्याय का प्रश्न है। जनता के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और समाज में विश्वास कायम होगा। उन्होंने जनता से संगठित रहकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
वहीं, युवा नेता मोहित डिमरी का कहना था कि कानून और संविधान सबके लिए समान हैं,किसी भी प्रकार की अराजकता, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश या कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग न्याय और पारदर्शिता की मांग को लेकर एकजुट है। आने वाले समय में आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
जनसभा को समर्थन देने पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष संतोष रावत ने कहा कि नगरासू घटना को लेकर पहाड़ की जनता में भारी आक्रोश और असंतोष है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और प्रशासन को निष्पक्षता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी मांगों को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि वो जनता की भावनाओं के साथ खड़े हैं।
वहीं, जनसभा में उत्तराखंड क्रांति दल के नेता अरुण नेगी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ के लोगों की उपेक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जनता की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उसकी बात सुननी चाहिए।
जनसभा के समापन के बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने संकेत दिए कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। सभा में मौजूद लोगों ने भी एक स्वर में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग दोहराई।
