सीएचसी गैरसैंण में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति सहित विभिन्न मांगों को लेकर कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन।

सीएचसी गैरसैंण में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति सहित विभिन्न मांगों को लेकर कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन।

गैरसैंण:- 21 सितंबर 2026
रिपोर्ट:-पुष्कर सिंह रावत.

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की स्वास्थ्य,शिक्षा,सड़क व बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना व प्रदर्शन किया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण में वर्षों से विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों को लेकर क्षेत्रवासियों की नाराजगी व आक्रोश अब खुलकर सामने आ रहा है.कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए उपजिलाधिकारी गैरसैंण के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 13 सूत्रीय मांगों का मांग पत्र भेजकर गैरसैंण में शीघ्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग की।

बता दें कि गैरसैंण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 06 पद स्वीकृत हैं,जबकि स्त्री रोग विशेषज्ञ व बाल रोग विशेषज्ञ की ही न्युक्ति हो पाई है.पूर्व में अस्थि रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की गई थी लेकिन सरकार द्वारा उनका अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया गया. इसी प्रकार निश्चेतना विशेषज्ञ की भी न्युक्ति की गई थी,जिन्होंने सेवा से त्याग पत्र दे दिया.वहीं, ईएनटी की भी नियुक्ति की गई थी लेकिन उन्होंने भी गैरसैंण सीएचसी में जॉइन नही किया.इस प्रकार 6 पदों के सापेक्ष 4 विशेषज्ञ चिकित्सको के पद अब भी रिक्त चल रहे हैं।

इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि,विगत दस वर्षों से आंदोलन व प्रदर्शनों के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की मांग की जाती रही है.लेकिन सरकार झूठे आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं कर पा रही है.कहा कि एक माह से अल्ट्रासाउंड मशीन खराब पड़ी है, जिस कारण गर्भवती महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.उन्होंने सरकार से विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति सहित शीघ्र 13 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र कर्यवाही करने की मांग की है, कहा कि मांग न माने जाने पर उग्र आंदोलन किया जायेगा।

कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष व विधानसभा प्रत्याशी रहे मुकेश नेगी ने,क्षेत्र की लगातार हो रही उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सरकार से समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की.उन्होंने कहा कि गैरसैंण में लंबे समय से सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.कई गांवों में ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू किए गए सड़क,पॉलीटेक्निक,डिग्री कॉलेज और नवोदय विद्यालय सहित विभिन्न विकास कार्यों का भी उल्लेख किया.उन्होंने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाए जाने की घोषणा के बावजूद अपेक्षित आधारभूत ढांचे का विकास नहीं होने पर सवाल उठाए. स्वास्थ्य सेवाओं, सड़क व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों की स्थिति में सुधार की मांग भी उठाई गई।इस दौरान उन्होंने कहा कि यह आंदोलन गैरसैंण की समस्याओं को लेकर संघर्ष की शुरुआत है.कहा कि,आने वाले समय में जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा।

वहीं कांग्रेस पार्टी के नगर अध्यक्ष कुंवर सिंह रावत ने कहा कि,गैरसैंण सूबे की ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के बावजूद अस्पताल में फिजिशियन,सर्जन,अस्थि रोग विशेषज्ञ,एनेस्थीसिया,सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं है, जिससे गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद देहरादून व हल्द्वानी जाने को मजबूर होना पड़ता है,कहा कि कई बार बेहतर इलाज के आभाव में मरीजों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है.उन्होंने सरकार से गैरसैंण में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने,विशेषज्ञ चिकित्सकों व आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की।

इस दौरान कांग्रेस महिला नगर अध्यक्ष सरोज साह ने कहा कि सीएचसी गैरसैंण में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद वर्षों से खाली पड़े हैं,जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था,विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति,सड़कों का डामरीकरण व सुधारीकरण,6 माह गैरसैंण से सरकार संचालित होने,महाविद्यालय में एमएससी कक्षायें संचालित होने सहित 13 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि, गैरसैंण क्षेत्र की बड़ी आबादी सीएचसी गैरसैंण पर निर्भर है। लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति सहित अन्य मांगों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो क्षेत्रवासी लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे.उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य अधिकारों की है।

इस दौरान कामेश्वरी देवी,खिला देवी,वीरेंद्र आर्य,मोहन राम टम्टा,दिवान राम,सोबन साह,उमा ढोंडियाल,गोविंद पंवार,मीना देवी,रूप लाल,सुनीता साह,दानसिंह नेगी,संजय कुमार,जगदीश ढोंडियाल,राकेश कुमार,दलबीर सिंह आदि मौजूद रहे।

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