चाची के रेप-मर्डर केस में पैरोल पर आए आरोपी ने 9 साल की बेटी से किया था दुष्कर्म का प्रयास,कोर्ट ने सुनाई सजा।
हरिद्वार:-11 जून 2026
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 9 साल की बेटी से दुष्कर्म के प्रयास मामले में आरोपी पिता को दोषी माना है। इस मामले में कोर्ट ने दोषी पिता को दस साल के कठोर कारावास की सजा और दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगया है।
दोषी पिता ने पड़ोस में ही रहने वाली अपनी चाची की भी रेप के बाद हत्या कर दी थी। इस मामले ने उसे सजा भी हुई थी। सजा के बाद कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान दोषी पैरोल पर जेल से बाहर आया था, तभी उसने अपनी नाबालिग बेटी के साथ इस तरह की हरकत की। शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने बताया कि सात अक्टूबर 2022 से श्यामपुर थाना क्षेत्र में किशोरी का अपने घर पर लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा था। पीड़िता ने मां को अपनी सारी आपबीती बताई थी। उसने मां को बताया था कि आरोपी पिता गलत नीयत से छेड़खानी और दुष्कर्म की कोशिश करता है। जब भी वो घर में अकेली होती है तब पिता उसके साथ गलत नीयत से छेड़खानी करता है. कई बार उसने किसी तरह पीड़िता ने बचकर अपनी जान बचाई थी।
पत्नी ने थाने में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता पत्नी ने पुलिस को बताया था कि सात अक्टूबर 2022 की रात को उसके पति ने सोती हुई बेटी के साथ छेड़खानी की और बेटी के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। बेटी ने पिता की हरकत का विरोध किया और शोर मचा दिया। बेटी का शोर सुनकर उठी शिकायतकर्ता माता ने बड़ी मुश्किल से पीड़ित बेटी को आरोपी पिता के चंगुल से बचाया था। शिकायतकर्ता पत्नी के विरोध करने पर आरोपी पति ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी थी। उस समय शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया और पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
सरकारी पक्ष ने प्राप्त साक्ष्य में साक्ष्यों, आठ गवाह और कोर्ट की ओर से एक गवाह पेश किया था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया। अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रमणि राय की अदालत ने प्रस्तुत किए गए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को 10 वर्ष की कैद 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी पिता को जुर्माना राशि जमा ना करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
