उत्तराखंड STF ने दो साइबर ठगों को किया गिरफ्तार,नौकरी और लोन का झांसा देकर लोगों से खुलवाते थे बैंक अकाउंट।
देहरादून:-25 जुलाई 2026
उत्तराखंड एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर सोशल मीडिया के जरिए नौकरी और आसान लोन का झांसा देकर लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाने और उन्हीं खातों का इस्तेमाल OLX फ्रॉड समेत अलग-अलग साइबर अपराधों में करने का आरोप है। एसटीएफ की फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट ने I4C के NCRP पोर्टल पर दर्ज साइबर शिकायतों के विश्लेषण और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई की गई है।
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर निजी कंपनियों में नौकरी और आसान लोन दिलाने के नाम पर विज्ञापन चलाते थे। इच्छुक लोगों से व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर उनके नाम से ऑनलाइन इंडसइंड बैंक में खाते खुलवाए जाते थे। हालांकि उन खातों का मोबाइल नंबर, इंटरनेट बैंकिंग और पूरा नियंत्रण आरोपी अपने पास रखते थे। बैंक किट और एटीएम कार्ड भी डाक के जरिए अपने कब्जे में ले लेते थे।इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल OLX पर वाहन और अन्य सामान खरीदने-बेचने के नाम पर फर्जी सौदे कर लोगों से ठगी की रकम प्राप्त करने और अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान के डींग निवासी राहुल मोहम्मद और गोरखपुर निवासी वर्तमान में लखनऊ निवासी शिवांश उपाध्याय के रूप में हुई है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह का एक अन्य सदस्य OLX पर फर्जी सौदे कर लोगों से ठगी करता था, जबकि गिरफ्तार आरोपी बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम निकालने का काम करते थे। साथ ही राहुल मोहम्मद साल 2024 में राजस्थान में साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में जेल भी जा चुका है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन (सैमसंग, आईफोन, लावा और रेडमी), इंडसइंड बैंक की 5 बैंक किट (एटीएम कार्ड और चेकबुक सहित), एक आधार कार्ड, 15 हजार रुपये नकद तथा साइबर अपराध से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा संख्या 41/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. बरामद मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने लोगों से अपील की है कि OLX या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद-बिक्री के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन न करें। एडवांस भुगतान से पहले सामने वाले की पूरी जांच करें. नौकरी या लोन के नाम पर किसी को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल नंबर उपलब्ध न कराएं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
