मैदान में भरी कीचड में स्कूली बच्चों को गोद में उठाकर पार कराने को मजबूर अभिभावक।

मैदान में भरी कीचड में स्कूली बच्चों को गोद में उठाकर पार कराने को मजबूर अभिभावक।

मैदान के नजदीक फैली गंदगी से संक्रामक बिमारीयां फैलने का खतरा।

मेहलचौरी (गैरसैंण)-27 अगस्त 2026
रिपोर्ट:-प्रेम संगेला.

विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत मेहलचौरी का   मच्छबगड मैदान रखरखाव के अभाव में बदहाली के दौर से गुजर रहा है। विकासखंड स्तरीय खेल रैलियों का आयोजन स्थल होने के साथ ही ये मैदान किसान मेला ,क्रिकेट टुर्नामेंट व सरकारी आयोजनों के लिए भी क्षेत्र का एकमात्र स्थान है। इस महत्वपूर्ण मैदान को बरसात के दिनों में सड़क का पानी भरने से पार करना भी मुश्किल हो जाता है,जिसके चलते नजदीकी विद्यालय को जाने वाले छोटे बच्चों को अभिभावक गोद में उठाकर सुबह-शाम मैदान पार करवाने को मजबूर हैं।

उल्लेखनीय की वर्ष 2013-14  में मैदान का सुधारीकरण करने के साथ ही सुरक्षा को चेक डैम दीवारों का भी निर्माण किया गया था,लेकिन तब मैदान की निकास नालियों के अधूरे निर्माण के बाद से ही नैनीताल-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग 109 के कलमटों से आने वाला पानी भारी मात्रा में मैदान पर फैल जाता है। निकासी की कोई व्यवस्था न होने से बरसात के दिनों में पानी कई महीनों तक जमा रहता है ,जिससे गंदगी होने के साथ ही फिसलनभरी कीचड़ से खिलाड़ियों सहित स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कीचड में गिरने से बच्चों की स्कूली ड्रैस ओर बैग का गंदा होना रोज की बात है। नजदीकी रामगंगा नदी किनारे फेंके गए कचरे को आवारा कुत्तों द्वारा मैदान फैलाने से यहां गंदगी का अंबार लगा रहता है।वहीं पालतू पशुओं के मैदान पर जाने से छोटे बच्चों को खतरा बना रहता है ,साथ ही गोबर की बदबू से यहां बैठना भी मुश्किल हो रहा है।मैदान को सड़क से जोड़ने वाली सीढियों पर पेयजल आपूर्ति के खुले में छोडे गये पाइप दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहे हैं। वहीं रास्ते के किनारे फेंका गया कूड़ा संक्रामक बिमारीयां फैलाने का कारण बना हुआ है।

मैदान में मेहलचौरी प्रधान रेनू नेगी द्वारा बच्चों के खेलने व व्यायाम के लिए उपकरण लगाए गए हैं,लेकिन मैदान में फैली गंदगी व कीचड बच्चों की परेशानी का कारण बनी हुई है।मेहलचौरी फुटबॉल क्लब चलाने वाले कोच राकेश रावत कहते हैं,कि मैदान पर जल निकासी न होने से अधिकांश भाग में कीचड जमा रहती है,जिससे छोटी जगह में ही खेलना पडता है। साथ ही मैदान के नजदीक फेंका गये कचरे को रोजाना साफ करना मजबूरी है।

3 साल पहले मैदान पर सुरक्षा जालियां लगाई गई,वहीं इसी दौरान आई बाढ़ से मैदान प्राकृतिक रूप से समतल तो हो गया,लेकिन निकास नाली न बनने ओर खुले में फैला कचरा मैदान के लिए संकट बना हुआ है। जिला पंचायत सदस्य सुरेश बिष्ट ने कहा कि मैदान के हालात सुधरने को निकास नाली का प्रस्ताव जिला पंचायत में दिया गया है। वहीं बाजार क्षेत्र में कचरा निस्तारण ईकाई स्थापित करने के भी प्रयास किये जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!