भालुओं की दहसत के बाद अब गुलदार के हमले से बाल-बाल बची महिला, ग्रामीणों में आक्रोश.

भालुओं की दहसत के बाद अब गुलदार के हमले से बाल-बाल बची महिला, ग्रामीणों में आक्रोश.

जोतिर्मठ (चमोली)- 04 दिसम्बर 2025

पहाड़ों में वन्य जीवों और मनुष्य के मध्य वन्य जीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है, चमोली जनपद के सीमांत प्रखंड ज्योर्तिमठ के लांजी पोख़नी में इन दिनों जंगली भालुओं के साथ साथ ग्रामीण अब गुलदार के आतंक की दोहरी मार झेलने को मजबूर हो गए हैं, छेत्र के इस दूरस्थ गांव में पिछले कुछ दिनों से जहां भालुओं ने लांजी गांव के ग्रामीणों की गौशाला को फाड़ कर आधा दर्जन दुधारू पशुओं को अपना निवाला बना डाला और जिसके बाद गांव में वन विभाग की गश्त टीमें ग्रामीणों के साथ मिलकर लगातार रात्रि गश्त करती नजर आई लेकिन भालू का आतंक थमता नजर नहीं आया लांजी गांव के वन पंचायत सरपंच दिनेश राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि भालुओं की दहशत तो है ही साथ साथ आज बृहस्पतिवार को सुबह गांव के समीप ही चारा पत्ती लेने गए कालपी देवी, रीना, वेदिका सहित कुछ महिलाओं और बच्चों पर घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर दिया गनीमत रही कि इस दौरान महिलाओं द्वारा शोर मचाने पर कुत्तों ने गुलदार को वहां से भागने पार मजबूर कर दिया वरना बड़ी अनहोनी घट सकती थी, इस घटना के बाद छेत्र की महिलाओं में वन विभाग के खिलाप आक्रोश बना हुआ है।

महिलाएं ओर बच्चे डरे सहमे हुए है,भालूओं के बाद अप लांजी गांव के ग्रामीणों पर गुलदार की नई मुसीबत जी का जंजाल बन गई है, गांव के लोगों को आवाजाही से लेकर स्कूली बच्चों को भी विद्यालय आने जाने के लिए खतरा पैदा हो चुका है, गुलदार ओर भालू के बढ़ते हमले के डर से अब बच्चे बुजुर्ग घरों में ही कैद है वन पंचायत सरपंच दिनेश राणा ने वन विभाग ओर शासन प्रशासन को अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा कि जल्द लांजी गांव के ग्रामीणों को इन भालुओं ओर गुलदार से निजात नहीं दिलाई गई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे ओर वन विभाग के कार्यालयों में तालाबंदी के लिए मजबूर हो जाएंगे।

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