गैरसैंण क्षेत्र में गुलदार का आतंक जारी,कुनीगाड के गोगना गांव में तीन गोवंश को बनाया निवाला।

गैरसैंण क्षेत्र में गुलदार का आतंक जारी,कुनीगाड के गोगना गांव में तीन गोवंश को बनाया निवाला।

तीन सप्ताह में 7 घटनाओं में 14 गोवंश बने निवाला,वन विभाग के प्रयास विफल पकड में नहीं आ रहा गुलदार।

क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा गुलदारों के सक्रिय होने की आशंका से ग्रामीण में भय का माहौल

मेहलचौरी (गैरसैंण)- 17 जनवरी 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला

विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत कुनीगाड क्षेत्र के गोगना गांव में एक बार फिर गुलदार ने गौशाला का दरवाजा तोड़,तीन गायों को अपना निवाला बना लिया है। पिछले सप्ताह भर तक गुलदार द्वारा कोई घटना न किए जाने के बाद एक बार फिर गोवंश को अपना निवाला बनाना शुरू कर दिया है। जिससे ग्रामीण एक बार फिर से भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।

शुक्रवार की रात गोगना गांव के कुशलानंंद जोशी पुत्र धर्मानंद जोशी के गौशाले का दरवाजा तोडकर गुलदार ने गाय के साथ 2 बछियों को भी निवाला बना डाला। शनिवार सुबह परिजन जब गौशाला दूध दुहने गए तो,तीनों गोवंश के अधखाए शव देखकर घबरा गये ओर परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद वन विभाग को घटना की जानकारी दी गई वन विभाग की टीम लगभग 11 बजे मौके पर पहुंची जिसके बाद गोवंश का पोस्टमार्टम कर दफनाना की कार्यवाही की गई।

वहीं नाराज ग्रामीणों ने दिनों-दिन गुलदार के हिंसक हमलों को खतरनाक बताते हुए जल्द से जल्द पिंजरा लगाकर पकडने की मांग की,जिस पर मौके पर पंहुचे वनकर्मियों ने शाम तक पिंजरा लगाए जाने की बात कही।

मामले में गोगना के ग्राम प्रधान अमरदीप नेगी,क्षेत्र पंचायत सदस्य व ज्येष्ट प्रमुख लीलाधर जोशी,जिला पंचायत सदस्य सुरेश बिष्ट ने अबिलंब गरीब पशुपालक परिवार को मुआवजा देने के साथ ही पिंजरा लगाकर आतंक का पर्याय बन चुके गुलदारों को पकड़ने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि बीते दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह से गुलदार ने सीमावर्ती गढ़वाल-कुमाऊं के इस क्षेत्र में सक्रिय होकर 3 सप्ताह में अब तक कुल 10 घटनाओं को अंजाम दिया है ।जिसमें अब तक 22 गोवंश को अपना निवाला बना लिया है ।विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत रंगचौड़ा ,ऊजिटिया ,भंडारीखोड ,कोठा ,तिमिलपानी ,घन्यालीगांव व गोगना को मिलाकर कुल 7 घटनाओं में 14 गोवंश को अपना निवाला बना लिया है। उक्त सभी घटनाओं में गुलदार गौशालाओं का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हो रहा है ,लगभग एक माह से गुलदार की हिंसक घटनाएं देखने को मिल रही हैं , ग्रामीणों के गुलदार को पकड़े जाने की मांग पर वन विभाग फिलहाल अभी एक गांव से दूसरे गांव में पिंजरा लगाने तक ही सीमित रह गया है।जबकि एक भी गुलदार अभी तक पकड़ में नहीं आया है। जिससे दिनोंदिन ग्रामीणों में गुलदार का भय बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण एक और जहां अपने बच्चों ओर बुजुर्गों के जीवन को लेकर चिंतित हैं वहीं दूसरी ओर परिवार के लिए दूध की आपूर्ति के साथ ही आजीविका के साधन के रूप में पाल गए गोवंश लगातार निवाला बन रहे हैं।

गोवंश के लिए खतरनाक हो चुके गुलदार को लेकर वन क्षेत्राधिकार प्रदीप गौड़ ने बताया कि वे दर्जन भर कर्मियों के साथ आज गोगना में ही डेरा जमाए हुए हैं। हिंसक गुलदार को काबू करने के लिए ट्रेंकुलाइजर टीम भी जिले से बुलाई गई है घटना स्थल पर मचान बनाकर गुलदार को पकड़ने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। जिसके लिए गुलदार को घटनास्थल पर आकर्षित करने के लिए एक गाय का अधखाया शव फिलहाल मौके पर ही छोड़ गया है,जिससे गुलदार के आने पर उसे ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया जाएगा।

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