कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने सरकार पर बोला तीखा हमला,कहा कि पिछले चार साल ‘बेमिसाल’ नहीं, बल्कि रहे हैं ‘बेहाल’।
देहरादून-23 मार्च 2026
उत्तराखंड में धामी सरकार के चार सालों के कार्यकाल पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य प्रीतम सिंह का कहना है कि ये 4 साल बेमिसाल नहीं बल्कि, 4 साल बेहाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजट का आकार बढ़ाने के बावजूद राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है. महंगाई चरम पर है और राज्य की केंद्र पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है।
सरकार ने नौजवानों के साथ किया छल⤵️
कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि आज प्रदेश विषम परिस्थितियों में चल रहा है और आय के स्रोत कम होते जा रहे हैं. आज प्रदेश में कुपोषण की दर 56 फीसदी पहुंच गई है,उन्होंने कहा कि सरकार ने नौजवानों के साथ भी छल किया है। सरकार का कहना है कि 30 हजार बेरोजगारों को सरकार ने रोजगार देने का काम किया, लेकिन रोजगार कार्यालयों में करीब 10 लाख बेरोजगार रजिस्टर्ड हैं।
गांव खाली तो स्कूल हो रहे बंद⤵️
प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में करीब 1,726 गांव निर्जन हो गए हैं और 1,700 विद्यालय बंद हो गए हैं, लेकिन पलायन आयोग की संस्तुति कहां पर है, कुछ नहीं पता। प्रदेश के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी सरकार को निशाने में लिया है. उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य की स्थिति पर भी सरकार को घेरा है।
पहाड़ों के अस्पताल बने रेफर सेंटर⤵️
उन्होंने कहा कि अस्पताल और पहाड़ों के मेडिकल कॉलेज रेफर सेंटर बनकर रह गए हैं। उन्होंने सरकार के दैवीय आपदा प्रबंधन को पूरी तरह विफल बताया है। मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए भी सरकार प्रभावी कदम नहीं उठा पा रही है. हम मानते थे कि बजट में इसके लिए कोई प्रावधान होगा,लेकिन मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है।
अवैध खनन पर सरकार को घेरा⤵️
इसके अलावा उन्होंने अवैध खनन पर सरकार को निशाने में लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन, भू और शराब माफियाओं को सरकार संरक्षण दे रही है, इसलिए आबकारी नीति ऐसी बनाई गई है जिससे सत्ता में बैठे लोगों की जेब गर्म हो सके, ऐसे में जश्न मनाने की बजाय जनता के मुद्दों पर ध्यान दें। साथ ही कहा हालात बद से बदतर हैं, इसलिए इस सरकार की विदाई तय है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने श्वेत पत्र जारी करने की उठाई मांग⤵️
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर मांग उठाई है कि सरकार अपने पूरे कार्यकाल का एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करें और प्रदेश की जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। उनका कहना है कि उत्तराखंड की जनता कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, शिक्षा व्यवस्था कमजोर होती जा रही है, पहाड़ों से पलायन थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी तरह राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भ्रष्टाचार जड़ें जमाता जा रहा है. इसके साथ ही भूमिधारी अधिकार, आपदा प्रबंधन और पुनर्वास जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी सरकार की भूमिका संतोषजनक नहीं रही है।
अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटने के बजाय सच्चाई रखें सामने⤵️
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि ऐसे में सरकार केवल अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटने के बजाय सच्चाई जनता के सामने रखे। हम सरकार से स्पष्ट जवाब चाहते हैं कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए? युवाओं को रोजगार देने के लिए कितनी भर्तियां और अवसर सृजित किए गए?
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर क्या सुधार हुए? शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए क्या प्रभावी पहल की गई? पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए कौन सी ठोस नीति लागू की गई? कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्या कार्रवाई हुई, प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार पर सरकार ने क्या सख्त कदम उठाए?
क्या आपदा प्रभावितों के लिए बनाई कोई पुनर्वास नीति? इसके अलावा यशपाल आर्य ने सवाल उठाया कि क्या सरकार ने राज्य में आपदा प्रभावितों के लिए कोई पुनर्वास नीति बनाई है? क्या संवेदनशील क्षेत्र के लिए कोई पूर्व चेतावनी या फिर कोई रोकथाम तंत्र विकसित किया गया है?
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता और जवाबदेही में विश्वास रखती है, तो उसे बिना देर किए चार सालों का श्वेत पत्र जारी कर हर सवाल का जवाब देना चाहिए। अब प्रदेश की जनता केवल घोषणा और विज्ञापनों से संतुष्ट नहीं है. इसलिए अब राज्य की जनता ठोस परिणाम और जवाबदेही चाहती है।
