अर्निका सती को केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मिला स्वर्ण पदक,जनपद वासियों ने जताई खुशी।
चमोली- 30 मार्च 2026
रिपोर्ट-ललिता प्रसाद लखेड़ा.
चमोली जनपद के दशोली ब्लॉक अंतर्गत छिनका गांव की होनहार बेटी अर्निका सती ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सामान्य परिवार और छोटे कस्बे से निकलकर अर्निका ने हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल के 12वें दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
अर्निका को यह सम्मान लाइफ साइंस संकाय के अंतर्गत हिमालयन एक्वेटिक बायोडायवर्सिटी विषय में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मिला। उनकी इस उपलब्धि को क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। अर्निका के माता-पिता दोनों शिक्षक – शिक्षिका है। पिता बृजमोहन सती सिदोली क्षेत्र के इंटर कॉलेज बरतोली में प्रवक्ता पद पर और माता रेखा सती राजकीय प्राथमिक विद्यालय हरचंद थराली में सेवारत हैं। माता-पिता के शिक्षा से जुड़े होने के कारण अर्निका को बचपन से ही घर में पढ़ाई और अनुशासन का माहौल मिला। यही वातावरण उनकी सफलता की मजबूत नींव बना। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा केंद्रीय विद्यालय एसएसबी ग्वालदम से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई में भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
अर्निका की सफलता केवल एक स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस जिद,मेहनत और आत्मविश्वास की कहानी है, जो पहाड़ की बेटियों को चुनौतियों के बीच भी आगे बढ़ना सिखाती है। सीमित संसाधनों और छोटे कस्बे की पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर स्वयं को स्थापित करते हुए यह मुकाम हासिल किया। अर्निका ने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर,माता-पिता, विद्वान गुरुजनों और सहयोगियों को दिया है। उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य पीएचडी करना और यूपीएससी के माध्यम से देश सेवा करना है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिवारजनों के साथ-साथ डॉ. दिनेश सती (भूगर्भ वैज्ञानिक), डॉ. दिनेश नैनवाल (पूर्व प्राचार्य),अनीता ममगाईं, बलवंत बिष्ट, शशि नौटियाल और प्रकाश सती सहित अनेक लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
