ऋषिकेश के उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने में प्रदेश में सबसे आगे, यूपीसीएल ने जारी की रिपोर्ट।
देहरादून-11 अप्रैल 2026
उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) द्वारा जारी हालिया बिलिंग दक्षता और राजस्व रिपोर्ट में ऋषिकेश ने पूरे प्रदेश में बाजी मारी है। रिपोर्ट के अनुसार, ऋषिकेश के उपभोक्ता बिजली के बिलों का भुगतान करने में सबसे जागरूक और सक्रिय पाए गए हैं, जबकि श्रीनगर के नैनीडांडा क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है।
राजस्व वसूली में ऋषिकेश का दबदबा⤵️
यूपीसीएल द्वारा अप्रैल से दिसंबर 2025 तक की जारी रिपोर्ट के मुताबिक, ऋषिकेश डिवीजन ने राजस्व वसूली के मामले में 116.30% की शानदार दक्षता हासिल की है। इसका सीधा मतलब यह है कि ऋषिकेश में न केवल चालू बिलों का समय पर भुगतान हुआ, बल्कि विभाग ने पुराने बकाये की भी रिकॉर्ड रिकवरी की है।
चार जोन का प्रदर्शन: गढ़वाल सबसे ऊपर⤵️
रिपोर्ट में प्रदेश को चार मुख्य जोन में बांटा गया है, जिसमें गढ़वाल जोन ने बिलिंग और कलेक्शन दोनों में बढ़त बनाई है:
पहाड़ी जिलों की स्थिति चिंताजनक⤵️
एक ओर जहां ऋषिकेश और सिडकुल (हरिद्वार) जैसे क्षेत्र शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं पहाड़ी जिलों के आंकड़े चिंता का विषय बने हुए हैं:
उत्तरकाशी: यहाँ सबसे कम 73.29% बिलिंग दक्षता दर्ज की गई।
रुद्रप्रयाग: यहाँ का आंकड़ा 73.44% रहा।
नैनीडांडा (पौड़ी): राजस्व वसूली के मामले में यह सबसे फिसड्डी रहा, जहाँ केवल 68.93% राजस्व ही प्राप्त हो सका।
राजस्व का गणित: एक नजर में
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बिलिंग और वसूली में सुधार किया जाए, तो यूपीसीएल के घाटे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। प्रदेश का कुल लेखा-जोखा इस प्रकार है।
कुल बिजली बिक्री: 10,97,939 करोड़ यूनिट।
जारी किए गए बिल: 8,562.74 करोड़ रुपये के।
कुल वसूली: 7,637.36 करोड़ रुपये।
देहरादून अर्बन सर्किल: यहाँ वसूली का आंकड़ा 91.96% रहा।
मुख्य बिंदु:
सर्वाधिक सटीक बिलिंग: औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल (98.28%)।
सबसे अधिक वसूली: ऋषिकेश (116.30%)।
सबसे कम वसूली: नैनीडांडा (68.93%)
