जोतिर्मठ में आवासीय परिसर के भीतर कथित मदरसे पर बजरंग दल का हंगामा,एसडीएम को सौंपा ज्ञापन,जांच में जुटा प्रशासन।
जोतिर्मठ (चमोली):-2 जुलाई 2026
उत्तराखंड के सीमांत नगर जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) क्षेत्र में एक आवासीय मकान के भीतर कथित तौर पर संचालित हो रहे एक मदरसे को लेकर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया।हिंदूवादी संगठनों का आरोप है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा मदरसा बोर्ड की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर ‘अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ की स्थापना किए जाने के बावजूद, बंद कमरों में नियमों और तय मानकों के खिलाफ जाकर यह शिक्षण गतिविधि चलाई जा रही थी। इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब मौके पर एक गैर समुदाय के बच्चे को भी उर्दू सीखते हुए पाया गया। घटना से क्षेत्र में माहौल गरमा गया और कार्यकर्ताओं ने तुरंत मौके पर स्थानीय पुलिस प्रशासन को बुलाकर इस संदिग्ध व अवैध गतिविधि को बंद करने की सख्त चेतावनी दी।
इस प्रकरण को लेकर बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ज्योतिर्मठ (जोशीमठ), जनपद चमोली को एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा। सौंपे गए इस ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि उक्त संस्थान के पास स्थानीय स्तर पर कोई आवश्यक वैधानिक अनुमति, मान्यता एवं प्रचलित नियमों के अनुरूप अनिवार्य पंजीकरण उपलब्ध नहीं है, जो कि सीधे तौर पर संबंधित कानूनों और शासनादेशों का खुला उल्लंघन है। संगठन ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही, जांच में अवैध संचालन पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि सीमांत क्षेत्र में कानून का शासन, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनविश्वास बना रहे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इससे जुड़े विभिन्न पक्षों के बयान भी सामने आए हैं। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संत संपर्क प्रमुख पवन राठौर ने कहा कि उत्तराखंड में 1 जुलाई से मदरसा बोर्ड पूरी तरह खत्म हो चुका है, इसके बावजूद आवासीय क्षेत्रों में नियमों को ताक पर रखकर ऐसी गतिविधियां चलाना कानून का सीधा उल्लंघन है और देवभूमि में ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, बजरंग दल के अध्यक्ष शुभम रावत ने बताया कि उनकी टीम को लंबे समय से इसके गुप्त इनपुट मिल रहे थे, जिसके बाद की गई छापेमारी में पाया गया कि बच्चों को गुपचुप तरीके से पढ़ाने के लिए ₹12,000 मासिक वेतन पर एक शिक्षक नियुक्त किया गया था। संगठन ने पुलिस से इसके पीछे के पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच करने की मांग की है। दूसरी ओर, मदरसा अध्यापक मिन्नादुल्ला ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे यहां किसी गलत इरादे से नहीं, बल्कि बच्चों को केवल तालीम और भाषा का ज्ञान देने का काम कर रहे थे। वहीं वहां पढ़ रहे एक छात्र ने बताया कि वह नियमित रूप से नगर के ही एक स्कूल में पढ़ता है और यहां सिर्फ अतिरिक्त भाषा के रूप में उर्दू सीखने आता है।
प्रशासनिक स्तर पर जोशीमठ के तहसीलदार महेंद्र ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरा प्रकरण पूरी तरह से प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और पुलिस बल मौके पर जाकर हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहा है; जांच रिपोर्ट आते ही तथ्यों के आधार पर ठोस वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।..
इस दौरान क्षेत्र के तमाम प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें मुख्य रूप से बजरंग दल अध्यक्ष शुभम रावत, विहिप प्रांत संत संपर्क प्रमुख पवन राठौर, विहिप जिला उपाध्यक्ष प्रदीप भट्ट, ललित थपलियाल, शिवानन्द थपलियाल/सेमवाल, रजत सकलानी, दीपक राणा, अभिषेक, गर्व सती, अमित सती और समीर डिमरी समेत कई अन्य स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हैं, जिन्होंने इस मांग पत्र पर अपने हस्ताक्षर कर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
