पेपर लीक को लेकर छात्रों में उबाल,सरकार के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्शन,राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन।
देश की शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर जताई चिंता,शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की करी मांग।
गैरसैंण-23 जुलाई 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत
देशभर में इन दिनों पेपर लीक का मुद्दा छाया हुआ है। इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन कर रही है तो संसद में इस मुद्दे को लेकर गतिरोध बना हुआ है।वहीं,देशभर में इसे लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। बात अगर उत्तराखंड की करें तो यहां एनयूएसआई और एबीवीपी के छात्र सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
नीट पेपर लीक को लेकर आज सूबे की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में भी छात्र-छात्राओं व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्र व कांग्रेस कार्यकर्ता गैरसैंण के रामलीला मैदान में एकत्र हुए जहां से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य चौराहे से डाकबंगला रोड होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे जहां छात्रों ने एक घण्टे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने देश में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच,दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मांग पत्र उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति क़ो प्रेषित किया।
इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने कहा कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से लाखों मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है.वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि परीक्षाओं की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह लगते हैं तो,युवाओं का विश्वास पूरी व्यवस्था से उठने लगता है. कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक व देश की शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर चुनौती है।
छात्र चित्रांशी शाह ने कहा कि लगातार पेपर लीक होने के कारण हमारी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। कहा कि हम लोग रात दिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और एन वक्त पर पेपर लीक हो जाता है, जो हम जैसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है.चित्रांशी ने कहा कि आज का प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर था। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को पेपर लीक की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
छात्रा महजबी परवीन ने कहा कि नीट का पेपर लीक हुआ है, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री और सरकार की है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठी चार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्यवाही की मांग की.उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दिल्ली पुलिस द्वारा निर्दोष छात्रों पर लाठी चार्ज किया गया वह निंदनीय कृत्य है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पेपर लीक की घटनाओं को रोकने में पूरी तरीके से असफल है. जिसका खामियाजा हम छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के स्थिति की मांग करते हुए कहा कि,मोदी सरकार तुरंत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले और पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्यवाही करे।
छात्र दीपक कुमार ने कहा कि वह देहरादून में रहकर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। लेकिन देशभर में पेपर लीक ने उन जैसे छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में 153 पेपर लीक हुए हैं जो की इस सरकार में एक रिकॉर्ड बन चुका है,लेकिन सरकार अभी भी सोई हुई है। उन्होंने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों की मांगों को मानते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए,जिससे कि, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।
इस दौरान चित्रांशी साह,महजबी परवीन,दीपक कुमार,अंकित चौहान,आशीष बिष्ट,कृष फनियाल,मेघा पंवार,रिया पंवार,चित्रा,महिमा,रविंद्र पंवार,मयंक पंवार,सौरभ रावत,कमलेश सिंह, सागर, मयंक बिष्ट, दीपक कंडारी विजय सिंह,भूपेन्द्र सिंह नेगी, राजवीर आदि छात्र छात्राओं सहित कांग्रेस कार्यकर्ता नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी,नगर अध्यक्ष कुंवर रावत,हरेंद्र कंडारी,प्रदीप कुंवर,पूर्व छात्र महासंघ अध्यक्ष दान सिंह नेगी,जगदीश टम्टा,अंकित चौहान,मनमोहन नेगी,उमा ढोंडियाल,रमेश गौड़,संजय कुमार रूप लाल
संदीप धीमान,पंकज रावत आदि मौजूद रहे।
