चमोली जिले में बारिश और लैंडस्लाइड की मार, ज्योतिर्मठ के किमाना गांव में भीषण लैंडस्लाइड,घरों में घुसा मलबा।

चमोली जिले में बारिश और लैंडस्लाइड की मार,ज्योतिर्मठ के किमाना गांव में भीषण लैंडस्लाइड,घरों में घुसा मलबा।

जोतिर्मठ (चमोली):-30 जुलाई 2026

चमोली जनपद में लगातार हो रही बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। ज्योतिर्मठ विकासखंड के किमाना गांव में गुरुवार को एक बार फिर पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए। भूस्खलन के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर विद्यालय तथा अन्य सुरक्षित स्थानों में शरण लेनी पड़ी। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी की मिट्टी पूरी तरह गीली हो चुकी है। इसके चलते पहाड़ी का हिस्सा बार-बार दरक रहा है और मलबे के साथ बड़े-बड़े पत्थर गांव की ओर आ रहे हैं। कई मकानों में मलबा घुसने से लोगों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

भूस्खलन की चपेट में आकर गांव के मंदिर की भोग मंडी तथा उसकी सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी से अभी भी रुक-रुक कर मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों ने पूरी रात दहशत के बीच बिताई और प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आवास, राहत सामग्री तथा स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है। प्रशासन को घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्र का आकलन किया जा रहा है और हालात सामान्य होने तक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

एसडीएम ज्योतिर्मठ-चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि, ज्योर्तिमठ के किमाना गांव के ऊपर पहाड़ी क्षेत्र से भारी मात्रा में मलबा नीचे आने की सूचना मिली है। मलबे के साथ-साथ पानी का बहाव भी गांव में हुआ है। फसलों को नुकसान की भी सूचना है। भूस्खलन और जलभराव के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से दो परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है. नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

वहीं,लगातार बारिश का असर जिले के सड़क नेटवर्क पर भी दिखाई दे रहा है।नंदप्रयाग–नंदानगर मोटर मार्ग मंगरोली के समीप पहाड़ी से भारी बोल्डर गिरने के कारण अवरुद्ध हो गया। इससे दोनों ओर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। जिसे कुछ घण्टो बाद सुचारु किया जा सका। वहीं पोखरी–गोपेश्वर मोटर मार्ग विशाल तिराहे से पहले हुए भारी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम साफ होने तक संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। सड़कों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की मशीनें मौके पर भेजी गई हैं,जबकि किमाना गांव में हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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