मतदाता सूची की शुद्धता सर्वाेच्च प्राथमिकता,फील्ड विजिट कर दूर करें समस्याएंः अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी।
देहरादून:- 03 अगस्त 2026
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड विजय कुमार जोगदंडे ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष चौहान सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जनपद की विधानसभावार प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अभियान की अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से सहसपुर, डोईवाला, विकासनगर एवं मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में अभियान को और अधिक गति देने तथा विशेष फोकस के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की मैपिंग अभी तक नहीं हो पाई है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा प्रत्येक ऐसे प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां भी किसी प्रकार की समस्या या बाधा आ रही हो, वहां संबंधित बीएलओ से समन्वय स्थापित करते हुए स्वयं फील्ड विजिट करें और समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करें।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य अभिलेखों के आधार पर ही मतदाता सत्यापन एवं मैपिंग की जाए। इसके साथ ही वर्ष 2003 की एसआईआर प्रति, परिवार रजिस्टर तथा अन्य उपलब्ध अभिलेखों का मिलान करते हुए प्रत्येक प्रविष्टि का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए, जिससे निर्वाचक नामावली की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। बैठक में विधानसभावार नोटिसों की स्थिति,100 से अधिक नोटिस प्राप्त मतदेय स्थलों की प्रगति तथा बीएलओ स्तर पर किए जा रहे कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान गुणवत्ता,पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी टीमें आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए माइक्रो लेवल प्लान के आधार पर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करें तथा किसी भी पात्र मतदाता का सत्यापन लंबित न रहने पाए। उन्होंने कहा कि जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को पूरी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ सफल बनाया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी,उत्तराखण्ड विजय कुमार जोगदंडे एवं जिलाधिकारी आशीष चौहान की संयुक्त अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार, देहरादून में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, मंत्रियों एवं सचिवों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें तथा बूथ स्तर पर मतदाताओं तक आयोग की जानकारी पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करना तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना है।
जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कहा कि जनपद की सभी 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में बीएलओ के माध्यम से घर-घर जाकर मतदाताओं को नोटिस वितरित किए जा रहे हैं। विशेष रूप से ऐसे मतदाता जिनके अभिलेखों में विसंगतियां हैं, जिनकी मैपिंग शेष है अथवा जिनके प्रपत्र-6, 7 एवं 8 प्राप्त हुए हैं, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट एवं कार्यकर्ताओं के माध्यम से मतदाताओं को निर्धारित तिथियों पर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित होने के लिए प्रेरित करें। बैठक में बताया गया कि जनपद की 10 विधानसभा सीटों में कुल 20.45 लाख पर विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य संचालित है। जनपद में कुल 11,90,805 प्रारूप मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के अभिलेखों में विसंगतियां तथा 1,52,170 मतदाताओं की मैपिंग शेष है। कुल 5,47,942 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं, जिनमें से 3,91,810 मतदाताओं तक नोटिस वितरित किए जा चुके हैं।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि 03 अगस्त से सभी विधानसभा क्षेत्रों में संबंधित मतदान स्थलों पर सुनवाई प्रारंभ कर दी गई है, जो विधानसभावार निर्धारित तिथियों तक चलेगी। सुनवाई के दौरान मतदाता निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण करा सकेंगे। बताया गया कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-1 एवं बीएलए-2) की नियुक्ति की जा रही है। साथ ही सभी राजनीतिक दलों से अधिक से अधिक बीएलए नियुक्त करने का अनुरोध किया गया, ताकि पुनरीक्षण कार्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुनवाई के दौरान मतदाता आधार कार्ड के अतिरिक्त आयोग द्वारा निर्धारित अन्य वैध दस्तावेज जैसे सरकारी पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि अथवा आवास संबंधी अभिलेख आदि प्रस्तुत कर सकते हैं। इस दौरान जिलाधिकारी ने समस्त ईआरओ के नम्बर राजनैतिक दलों के प्रतिनिधयों से साझा करवाए तथा एसआईआर से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की समस्या, शंका के समाधान के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। उन्होंने समस्त ईआरओ अपनी-2 विधानसभा अन्तर्गत राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक करने के निर्देश दिए।
