साल की अंतिम अरदास,सेना के बैंड की गूंज और ‘वाहेगुरु’ के जयकारों के बीच बंद हुए हेमकुण्ड साहिब व पौराणिक लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट।

साल की अंतिम अरदास,सेना के बैंड की गूंज और ‘वाहेगुरु’ के जयकारों के बीच बंद हुए हेमकुण्ड साहिब व पौराणिक लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट।

चमोली:-10 अक्टूबर 2026

हिमालय की गोद में लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुण्ड साहिब और पौराणिक लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट आज विधि-विधान और पूरी धार्मिक आस्था के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के ऐतिहासिक क्षणों के दौरान वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की आंखें नम थीं। सेना के बैंड की मधुर धुनों, शबद-कीर्तन की गूंज और ‘बोले सो निहाल’ के जयकारों के साथ इस वर्ष की पावन यात्रा का भावुक समापन हुआ।

23 मई से शुरू हुई इस वर्ष की यात्रा ने इतिहास रच दिया है। इस सीजन में रिकॉर्डतोड़ 3,84,573 से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र धाम में मत्था टेका। कपाट बंद होने के पावन अवसर पर गोविंद धाम (घांघरिया) से रागी जत्थे सहित हजारों श्रद्धालु हेमकुण्ड साहिब पहुंचे थे। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए पाकिस्तान से आया 40 सदस्यीय सिख श्रद्धालुओं का जत्था भी विशेष रूप से यहां पहुंचा था। बर्फ से ढकी सप्तश्रृंग घाटी के मनमोहक नजारों के बीच पूरा माहौल आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया।

कपाट बंदी के मौके पर सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया था। सर्वप्रथम प्रातः सुखमणी साहिब के पाठ से कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ, जिसके बाद मुख्य दीवान हॉल में शबद-कीर्तन का गायन किया गया। दोपहर को इस वर्ष की यात्रा की अंतिम अरदास पढ़ी गई। इसके पश्चात पवित्र हुक्मनामा लेकर गुरु ग्रंथ साहिब को पंज प्यारों की अगुवाई में सेना के बैंड की गौरवशाली धुनों के बीच सचखंड साहिब में सुशोभित किया गया। इसके तुरंत बाद कपाट बंद कर दिए गए।

इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए मौसम की चुनौतियां काफी बड़ी थीं। भारी बर्फबारी, कड़ाके की ठंड, बारिश और फिसलन भरे दुर्गम रास्तों के बावजूद उत्तराखंड पुलिस और SDRF के जवान ढाल बनकर खड़े रहे। चमोली के पुलिस अधीक्षक (SP) सुरजीत सिंह पंवार के कुशल नेतृत्व में सुरक्षा और सुगम आवाजाही का पुख्ता रोडमैप तैयार किया गया था। कठिन चढ़ाई और खतरनाक ग्लेशियरों पर जवानों ने बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालुओं का हाथ थामकर उन्हें सुरक्षित रास्ता पार कराया।

गुरुद्वारा हेमकुण्ड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा और वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने पुलिस व प्रसाशन की यात्रा के सफल संचालन में सहयोग के लिए जमकर सराहना की। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भी विषम परिस्थितियों में उत्तराखंड पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों सेवाभाव के लिए आभार जताया।

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