89 प्राइवेट स्कूल रडार पर,कार्यवाही सिर्फ नोटिसों तक सीमित रहेगी या फिर नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर होगी कर्यवाही?
नैनीताल-08 मई 2026
जनपद नैनीताल में निजी स्कूलों की मनमानी पर अब प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 39 और निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही जांच के दायरे में आए स्कूलों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है।
प्रशासन की जांच में सामने आया कि कई स्कूल एनसीईआरटी किताबों को दरकिनार कर महंगी निजी पब्लिशर्स की किताबें थोप रहे थे। साथ ही अभिभावकों पर विशेष दुकानों से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जा रहा था। ट्यूशन फीस के अलावा एनुअल फीस और अन्य चार्ज के नाम पर भी मोटी रकम वसूली जा रही थी।
DM ललित मोहन रयाल ने साफ निर्देश दिए हैं कि नियमों के खिलाफ वसूली गई राशि अभिभावकों को लौटाई जाए या आगामी फीस में समायोजित की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि RTE नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता तक रद्द की जा सकती है।
प्रशासन ने सभी स्कूलों को 15 दिन के भीतर फीस स्ट्रक्चर सार्वजनिक करने, एनसीईआरटी किताबों को प्राथमिकता देने और किसी विशेष दुकान से खरीद की बाध्यता खत्म करने के निर्देश दिए हैं। ब्लॉक स्तर पर गठित जांच समितियां अब पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करेंगी।
बड़ा सवाल – आगे क्या होगा?
अब देखने वाली बात यह होगी कि यह कार्रवाई सिर्फ नोटिसों तक सीमित रहती है या फिर नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर वास्तव में बड़ा प्रशासनिक प्रहार होता है।
