हेमकुंड साहिब धाम तक बर्फ हटाकर पहुंची सेना,आगामी 23 मई को हेमकुण्ड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिये जायेंगे।
चमोली-03 मई 2026
भारतीय सेना की 418 इंडिपेंडेंट फील्ड कंपनी (9 माउंटेन ब्रिगेड) की टीम और गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के सेवादार आज हेमकुंट साहिब गुरुद्वारा कॉम्प्लेक्स तक पहुंच गए हैं। संयुक्त टीम ने गुरुद्वारा कॉम्प्लेक्स के द्वार गुरु से अरदास के पश्चात खोल दिए,जिससे अब टीम यहीं पर रहकर कार्य कर सकेगी। इससे पहले उन्हें हर शाम घांघरिया वापस लौटना पड़ता था।
टीम अब हेमकुंट साहिब से अटलकोटी ग्लेशियर प्वाइंट तक नीचे की ओर ट्रैक को चौड़ा करने का कार्य करेगी, ताकि तीर्थयात्रियों के लिए मार्ग और अधिक सुगम व सुरक्षित हो सके। कई दशकों से भारतीय सेना हिमालय की कठिन भौगोलिक स्थिति में इस गौरवपूर्ण और निःस्वार्थ सेवा का कार्य प्रतिवर्ष कर रही है, ताकि हेमकुंट साहिब यात्रा सुरक्षित और सफल हो सके।
गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब प्रबंधन ने भारतीय सेना तथा सभी सेवादारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।हेमकुंट साहिब गढ़वाल हिमालय में लगभग 4,632 मीटर (15,200 फीट) की ऊंचाई पर स्थित एक अत्यंत पवित्र सिख तीर्थस्थल है, जो बर्फ से ढंके पर्वत शिखरों और स्वच्छ झील से घिरा हुआ है।
आगामी 23 मई 2026 को हेमकुण्ड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। इसके मद्देनजर संबंधित विभागों द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं और यात्रा को सफल एवं सुरक्षित बनाने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
