दस सूत्रीय मांगों को लेकर गैरसैंण खंड विकास कार्यालय में ग्राम प्रधानों ने की तालाबंदी,दिया धरना।
गैरसैंण:- 16 सितंबर 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत
ग्राम प्रधानों ने अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर आज बुधवार को प्रधान संगठन के अध्यक्ष मनोज नेगी के नेतृत्व में गैरसैंण खंड विकास कार्यालय में तालाबंदी की. इस दौरान ग्राम प्रधानों ने खंड विकास अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख,पंचायत कार्यालय सहित पूरे विकास खंड कार्यालय में तालाबंदी की,और कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर कर दिया.सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए ग्राम प्रधानों ने ब्लॉक कार्यालय में 2 घण्टे तक धरना भी दिया। इस दौरान खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को दस सूत्रीय मांग पत्र प्रेषित किया गया। प्रधान संगठन ने मांगे न माने जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.
ग्राम प्रधानों ने मांग की है क़ि,उन्हें 20 हजार रुपए मानदेय और वार्ड सदस्यों को बैठक मानदेय दिया जाए, मनरेगा में ऑफलाइन उपस्थिति हो और बेहतर मजदूरी दी जाए,पंचायतों की आय बढ़ाकर जिला योजना में ग्राम सभा की भागीदारी सुनिश्चित हो,सभी 29 विभागों के कार्य पंचायतों को सौंपे जाए,विधायक व सांसद निधि की तर्ज़ पर ग्राम प्रधान निधि बने जिससे पंचायतें विकास और आपदा कार्य तेजी से कर सकें, पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत कार्यों का निष्पादन पंचायत को मिले,प्रधानों को स्वास्थ्य व जीवन बीमा दिया जाए,आवास प्लस सूची में पात्रों के नाम जोड़े जाएँ, टैक्स के जरिये पंचायत आय बढ़ाने का प्रावधान हो, और टैक्स न लगने पर वित्त आयोग से मिलने वाली राशि में कटौती न हो सहित अन्य मांगे रखी.
प्रधान संगठन के अध्यक्ष मनोज नेगी ने कहा कि,दस सूत्रीय मांगों को लेकर आज एक दिवसीय तालाबंदी व धरना प्रदर्शन किया गया है, कहा कि, कई गांव ऐसे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क सुविधा नही है जिस कारण ऑनलाइन हाजिरी लगाने में समस्या उत्पन हो रही है.मनोज नेगी ने कहा कि जो 29 विभाग हैं उन्हें पंचायतों को हस्तांतरित किया जाय, और सांसद निधि व विधायक निधि की तर्ज पर प्रधान निधि दी जाय जिसे आपात काल स्तिथि में प्रधान विकास कार्यों में खर्च कर सके।कहा कि,वो लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं,लेकिन सरकार सुनने को तैयार नही है.उन्होंने कहा कि, सरकार के आँख और कान खोलने के लिए उत्तराखंड प्रधान संगठन व समस्त प्रधानों के आह्वान पर आज पूरे खंड विकास कार्यालय में तालाबंदी की गई. मनोज नेगी ने कहा कि उनकी मांगों को सरकार द्वारा अनसुना किये जाने के चलते प्रधानों को प्रदर्शन व तालाबंदी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.कहा कि आज प्रधान संगठन द्वारा सरकार को चेताने के लिए सांकेतिक रूप से तालाबंदी की गई है.यदि शीघ्र उनकी मांगे नही मानी गई तो उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा.जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन व प्रसाशन की होगी.
प्रधान संगठन के उपाध्यक्ष विनोद मलाई ने कहा कि हमारी जायज मांगे हैं जिन पर सरकार को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।कहा कि,जब गांव विकसित होगा तभी देश भी विकसित होगा, लेकिन सरकार उनके अधिकारों को छीनने का काम कर रही है.
ग्राम प्रधान ममता बिष्ट ने कहा कि,उनकी ग्राम पंचायत के अंदर पांच गांव आते हैं, जो कि मोटर मार्ग से तीन से चार किलोमीटर दूर हैं.बताया कि,कम बजट के कारण गांवों में विकास कार्य करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।कहा कि, जो भी बजट आता है उसमें से आधी धनराशि ढुलान में चली जाती है,उन्होंने ग्राम प्रधानों के बजट में वृद्धि करने की सरकार से मांग की।
इस दौरान ग्राम प्रधान देवपुरी किरन नेगी,इन्दर सिंह रावत ग्राम प्रधान भेड़ियाना,गीता नेगी फरकंडे, प्रियंका सारकोट,गोपाल सिंह नेणी, बचुली देवी बिना,जसवंत सिंह स्यूनी मल्ली, सुनीता देवी मेखोली, पुष्पा देवी टैटूडा, शोभा देवी मरोड़ा,रेखा नेगी शिलपाटा, दीपा देवी आंद्रपा,नंदी देवी हरगड़, सुनीता देवी कल्याणा मल्ला, ममता बिष्ट कोठा, रेखा नेगी मेंहलचोरी,दीपक सिंह बिष्ट झूमाखेत,दिनेश सिंह बचुवाबाण,अवल सिंह पंचाली, हुकुम सिंह बिष्ट शेरा आदि मौजूद रहे।
