एमबीबीएस में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के फर्जी सर्टिफिकेट से एडमिशन पाने वालों पर कसा शिकंजा,सरगना समेत 2 गिरफ्तार।

एमबीबीएस में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के फर्जी सर्टिफिकेट से एडमिशन पाने वालों पर कसा शिकंजा,सरगना समेत 2 गिरफ्तार।

एसआईटी ने किया खुलासा,फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के लिए 45 लाख रुपए में हुआ था सौदा।

देहरादून:-22 सितंबर 2026

NEET UG में फर्जी सर्टिफिकेट मामले में जांच कर रही एसआईटी टीम ने पहली दो गिरफ्तारी कर ली हैं। आज 10 सदस्यीय एसआईटी टीम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम पर बने फर्जी सर्टिफिकेट से एमबीबीएस और बीडीएस में एडमिशन लेने वाले आरोपियों की जांच के लिए हरिद्वार पहुंची थी। उधर दो आरोपियों को पूछताछ के लिए देहरादून के रायपुर थाने बुलाया गया था। पूछताछ के बाद वहीं दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस मामले में देहरादून एसएसपी और एसआईटी टीम ने देहारादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके MBBS सर्टिफिकेट फ्रॉड में पहली गिरफ्तारियों का खुलासा किया है। अब तक गिरोह के सरगना रूपेश पंडित ओर अरविंद कुमार को अरेस्ट किया गया है। एसआईटी ने खुलासा किया है कि फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के लिए 45 लाख रुपए में सौदा हुआ था। तीन लोगों ने एडवांस के तौर पर 20 लाख रुपए दिए थे। 12 आरोपी अभी भी संदिग्ध हैं,जिनकी जांच की जा रही है।

एसआईटी के अनुसार आरोपी अरविंद कुमार ने खुलासा किया कि उसने अपनी बेटी के फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के लिए 20 लाख रुपए दिए थे। अरविंद की बेटी के खिलाफ भी थाना रायपुर में मुकदमा दर्ज हुआ था।एसआईटी ने फर्जी सर्टिफिकेट मामले में मास्टर माइंड रूपेश पंडित को गिरफ्तार किया है।

देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि,रूपेश मेरठ के एक बड़े इंस्टीट्यूट जो मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता, उसका मालिक है। भारत समेत अन्य देशों में भी रूपेश द्वारा बनाए फर्जी सर्टिफेकेट बनाकर उपयोग में लाए गए।अभी ई डिस्ट्रिक्ट सेंटर और सीएससी सेंटर की जांच की जा रही है। आने वाले समय में और गिरफ्तारियां की जा सकती है। अभी कई सारे संदिग्ध हमारे रडार पर हैं। एसआईटी अपनी जांच तेजी से कर रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने नीट यूजी 2025 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में प्रवेश के प्रकरण में 02 अभियुक्तों की गिरफ्तार से संबंधित बातें डिटेल से बताई गईं। एसएसपी ने बताया कि एसआईटी टीम द्वारा प्रकरण में संलिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध साक्ष्य संकलन की कार्रवाई करते हुए प्रकरण से जुड़े सभी दस्तावेजों को कब्जे मे लिया गया। एसआईटी जांच के दौरान उक्त सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में अंकित पते गलत पाये गये। इस पर एसआईटी द्वारा सम्बन्धित शिक्षण संस्थानों में जाकर प्रकरण से जुड़े सभी दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया। उनकी जांच से उक्त अभ्यर्थियों के मूल पतों की जानकारी प्राप्त हुई।

प्राप्त जानकारी और जांच के दौरान प्रकाश में आये साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी द्वारा 02 व्यक्तियों, 1- रूपेश पंडित तथा 2- अरविन्द कुमार को पूछताछ हेतु थाना रायपुर पर लाया गया, जिनसे आवश्यक पूछताछ व प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस द्वारा उन्हें मौके से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पुलिस टीम को जानकारी मिली कि अभियुक्त रूपेश पंडित अपने साथियों के साथ मिलकर पिछले 05 वर्षों से एजुकेशन कन्सल्टेन्सी का कार्य कर रहा था। वो मेरठ में मिकोडो (MECODO) पाठशाला नाम से एक कम्पनी संचालित कर रहा था। इस कंपनी के माध्यम से वह विभिन्न प्राइवेट यूनिवर्सिटीज और विदेशों में भी एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीबीए, बीकॉम आदि कोर्सों में कमीशन पर एडमिशन दिलवाने का काम करता था।

3 बच्चों के एमबीबीएस में एडमिशन के लिए तय हुए 45-45 लाख रुपए।

गिरफ्तार अभियुक्त अरविन्द, रूपेश का पुराना परिचित था। पिछले 02-03 सालों से उसे जानता था। अपनी पुत्री के एमबीबीएस में दाखिले के लिये उसके द्वारा रूपेश से सम्पर्क किया गया था। अपनी पुत्री के साथ अपने 02 अन्य परिचितों के बच्चों को भी एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने की बात की थी। इस पर रूपेश द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे से एडमिशन दिलवाने तथा प्रत्येक एडिमिशन की एवज में 45 लाख रुपए लेने की बात कही थी। तीनों अभ्यर्थियों के परिजनों से रूपेश तथा उसके साथियों द्वारा एडवांस के तौर पर 20-20 लाख रुपए लिये गये थे तथा एमबीबीएस में दाखिले व क्लासों के शुरू होने के बाद बाकी के पैसे देने की बात तय हुई थी।

तीनों अभ्यर्थियों ने अलग-अलग मेडिकल कॉलेज में MBBS में पाया एडमिशन

अभियुक्त रूपेश पंडित द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर तीनों अभ्यर्थियों के कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनावाये गये थे। उनके आधार पर उक्त तीनों अभ्यर्थियों द्वारा अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स के लिये दाखिला प्राप्त किया गया था। एसआईटी द्वारा प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से विवेचना की जा रही है। उक्त प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी।

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम और पते

रूपेश पंडित पुत्र गोपाल पंडित, निवासी ग्राम- शिवपुरी थाना केहाट, तहसील/ जिला पूर्णिया, (बिहार) हाल निवासी प्लॉट नंबर 90, द्वारिकापुरी कॉलोनी, थाना ब्रह्मपुरी, जनपद मेरठ, उत्तर प्रदेश, उम्र 30 वर्ष
अरविद कुमार पुत्र विजयपाल सिंह, निवासी ग्राम – बहादरपुर खादर, थाना लक्सर, जनपद- हरिद्वार

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