गैरसैंण में रामपुर तिराहा गोलीकांड के शहीदों की याद में मनाया गया काला दिवस।
प्रदर्शनकारियों ने की गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग।
गैरसैंण:-02 अक्टूबर 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में रामपुर तिराहा गोलीकांड के शहीदों की याद में आज काला दिवस मनाया गया। इस दौरान रामपुर तिराहा गोली कांड के शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर स्थाई राजधानी गैरसैंण संघर्ष समिति के तत्वावधान में विभिन्न राजनेतिक संगठनों ने श्रद्धांजलि दी. साथ ही गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाये जाने की मांग की।
गैरसैंण के रामलीला मैदान मे आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस,यूकेडी,स्थायी राजधानी संघर्ष समिति गैरसैंण व राजधानी गैरसैंण समिति ने रामपुर तिराहा गोलीकांड को लेकर आज काला दिवस मनाया। इस दौरान रामलीला मैदान में एकत्रित होकर सभी ने वीरचंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति पर माल्यार्पण कर रामपुर तिराहा गोलीकांड के शहीदों को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान गांधी जयंती के अवसर पर “रघुपति राघव राजा राम” गीत गाकर प्रदर्शनकारियों ने स्थाई राजधानी गैरसैंण बनाये जाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन कारियों ने गैरसैंण को शीघ्र स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग की,साथ ही प्रदर्शनकारियों ने गैरसैंण रामलीला मैदान से नगर पंचायत कार्यालय होते हुए मुख्य चौराहे तक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी व प्रदर्शन किया
इस दौरान स्थाई राजधानी संघर्ष समिति गैरसैंण के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट ने कहा कि,आज गैरसैंण में हो रहे प्रदर्शन की आवाज देहरादून तक जाएगी,कहा कि आज हम यहां से सरकार को चेताना चाहते है कि सरकार तुरंत राजधानी पर फैंसला ले,अन्यथा इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। कहा कि जब तक नेता पहाड़ के संघर्ष को नही जिएंगे तब तक ये कुछ करने वाले नही है और स्वास्थ्य,शिक्षा, सड़क की हालत नही सुधर सकती है.कहा कि अब गैरसैंण को लेकर एक बड़े आंदोलन की जरूरत है,जिसे एक होकर लड़ना पड़ेगा।
वहीं,राजधानी गैरसैंण समिति के संयोजक पूर्व सचिव (आईएएस) उत्तराखंड विनोद प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि, आज गैरसैंण में स्थाई राजधानी की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन व धरना दिया गया. बताया कि 18 अक्टूबर से हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में कर्मिक अनशन शुरू होने जा रहा है,जिसमे 31 अक्टूबर तक की रणनीति तैयार कर ली गई है.कहा कि उसके बाद नैनीताल हाईकोर्ट में आर्टिकल 226 के तहत रिट पिटीशन दाखिल की जाएगी. कहा की अगर तब भी की सरकार गैरसैंण राजधानी की घोषणा नहीं करती है तो चुनाव बहिष्कार के लिए व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा. कहा कि यदि भाजपा सरकार दुबारा सत्ता में आना चाहती है तो इस बार के विधानसभा सत्र में सरकार गैरसैंण स्थाई राजधानी का प्रस्ताव पारित करें और केंद्र सरकार उसे संसद के शीतकालीन सत्र में संसद में घोषित करे और जो पुनर्गठन अधिनियम 2000 का है उसमें संशोधन करे।
इस दौरान यूकेडी युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशुतोष नेगी ने कहा कि,आज 2 अक्टूबर के दिन उत्तराखंड के लिए शोक का दिवस है। कहा कि,रामपुर तिराहे में हमारे राज्य आंदोलनकारी शांति पूर्वक चल रहे थे लेकिन उन पर मुलायम सिंह सरकार ने बर्बरता पूर्वक गोली चलाई। जिसमे हमारे 7 लोग शहीद हो गए। जिसे आज हर उत्तराखंडी काला दिवस के रूप में मना रहा है।
कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से गैरसैंण राजधानी की ये लड़ाई लड़ी जाएगी.कहा कि हम लोग भी गैरसैंण राजधनी की मांग को लेकर जन जागरूकता यात्रा निकाल रहे हैं। जो कि लगातार जारी है। कहा कि इस बार के विधानसभा सत्र में गैरसैंण में स्थाई राजधानी को लेकर ऐसा आंदोलन किया जाएगा कि सरकार को फैंसला लेने पर मजबूर होना पड़ेगा। कहा कि इस आंदोलन में हर क्षेत्र से लोग पहुंचेंगे.उन्होंने लोगों से भी अपील की, कि इस आंदोलन को अपना समर्थन दे।
इस दौरान कार्यक्रम में विनोद रतूड़ी (पूर्व सचिव IAS), हरीश पंत,भुवन चंद,भुवन कैठैत,वीरेंद्र आर्य,वीरेंद्र कुमार,यशवंत सिंह,नंदन सिंह नेगी,मोहन राम टम्टा,आशीष नेगी,देवेंद्र बिष्ट,कुंवर सिंह ,मेहरबान सिंह,सूरज सिंह पवार, बलबीर सिंह,राहुल चौधरी, आयुष रावत,गिरीश सिरस्वाल,मनोहर ध्यानी,धुमा देवी,लक्ष्मण खत्री,रमेश नौटियाल,जसवंत सिंह,गोविंद सिंह भंडारी,राजेंद्र सिंह पूना आदि मौजूद रहे।
