गैरसैंण प्रसाशन पहुंचा था अस्पताल सीज करने,विरोध के बाद लौटना पड़ा बैरंग।
गैरसैंण:-07 अक्टूबर 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत
चमोली जिले के गैरसैंण (ग्वाड तल्ला) में स्थित स्वर्गीय राधा देवी लाइफ केयर हॉस्पिटल को सीज करने पहुंची प्रशासन की टीम को भारी विरोध के बाद बैरंग लौटना पड़ा।
उपजिलाधिकारी (एसडीएम) गैरसैंण व संयुक्त सचिव क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण अबरार अहमद के आदेश पर तहसीलदार हरीश चंद्र पांडेय के नेतृत्व में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर पंचायत प्रशासन की टीम अस्पताल को सील करने पहुंची थी, जहां अस्पताल प्रबंधन के तीखे विरोध के चलते कार्रवाई रोकनी पड़ी।
प्रशासन व क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का आरोप है कि अस्पताल का संचालन घरेलू (आवासीय) भवन में किया जा रहा है, जो नियमों के पूरी तरह खिलाफ है। दूसरी ओर, अस्पताल के प्रभारी डॉ. मुदित सिंह ने इस कार्रवाई को गलत बताया। उन्होंने तर्क दिया कि प्रशासन के इस आदेश के खिलाफ गढ़वाल कमिश्नर के समक्ष अपील दायर की जा चुकी है, जिस पर दोनों पक्षों की सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तिथि तय है।
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार ने कहा कि कमिश्नर कोर्ट से कार्रवाई पर कोई स्टे (रोकने का आदेश) नहीं मिला है, जिसे लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस और गहमा-गहमी हुई। इस दौरान डॉ. मुदित ने कहा कि वे इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।
मामला बढ़ता देख तहसीलदार ने एसडीएम को पूरी स्थिति से अवगत कराया। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने मौखिक रूप से ADGC (सिविल/राजस्व) से विधिक राय ली। सरकारी वकील (ADGC) ने आगामी 14 अक्टूबर तक अस्पताल को सीज न करने की सलाह दी, जिसके बाद प्रशासन की टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा।
अस्पताल के समर्थन में पौड़ी गढ़वाल की चौथान पट्टी से समर्थकों के साथ पहुंचे डडोली मल्ली के ग्राम प्रधान चरनजीत सिंह ने कहा कि यह अस्पताल जनता की भलाई के लिए चल रहा है, लेकिन सरकार और प्रशासन इसे बंद कराने पर आमादा हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोबारा कार्रवाई की गई, तो सैकड़ों ग्रामीण गैरसैंण कूच करेंगे।
वहीं,उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने प्रशासन के रवैये को तानाशाही करार देते हुए कहा कि एसडीएम को कंपाउंडिंग (शमन) का मौका देना चाहिए था, लेकिन सीधे सीज करने का आदेश देना गलत है। उन्होंने कहा कि अभी वे शांतिपूर्वक बात रख रहे हैं, लेकिन कार्रवाई होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम पर तहसीलदार हरीश चंद्र पांडेय ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा एसडीएम के आदेश के खिलाफ गढ़वाल कमिश्नर के यहां अपील की गई है। इस मामले को अब विधिक राय के लिए भेजा गया है और कानूनी सलाह मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले में पक्ष जानने के लिए जब एसडीएम अबरार अहमद से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई,तो उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया।
