गैरसैंण विधानसभा सत्र: सदन से लेकर सड़क तक माहौल रहेगा गर्म, छावनी में तब्दील हुई ग्रीष्मकालीन राजधानी,1500 जवान तैनात।

गैरसैंण विधानसभा सत्र: सदन से लेकर सड़क तक माहौल रहेगा गर्म, छावनी में तब्दील हुई ग्रीष्मकालीन राजधानी,1500 जवान तैनात।

भराड़ीसैण (गैरसैंण):- 26 अक्टूबर 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र को लेकर सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। इस बार का सत्र बेहद हंगामेदार होने के आसार हैं, जहां एक ओर सदन के भीतर विपक्ष विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुका है, वहीं सड़क पर भी भारी उबाल देखने को मिलेगा। आगामी 27 अक्टूबर को प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस, प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। इस दोतरफा चुनौती से निपटने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

लोहे के गेट और कंटीले तारों की बैरिकेडिंग

प्रदर्शनकारियों और जन-आंदोलनों के तेवरों को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा परिक्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह अभेद्य किला बना दिया है। आंदोलनकारियों को विधानसभा भवन तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने दुकमुतासैंण, विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार दीवालीखाल,जंगलचट्टी, परवाड़ी मोटर मार्ग और सारकोट मोटर मार्ग जैसे संवेदनशील व रणनीतिक रास्तों पर सुरक्षा बल की तैनाती व बैरिकेडिंग तैयार किया है। इन सभी प्रमुख स्थानों पर कंटीले तारों की तारबाड़ के साथ लोहे के ऊंचे-ऊंचे और मजबूत गेट लगाकर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।

5 जोन और 13 सेक्टरों में बंटा क्षेत्र, एटीएस और डॉग स्क्वायड अलर्ट

सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने तैयारियों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि,विधानसभा सत्र लोकतंत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है। सत्र को शांतिपूर्ण, निर्बाध और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सत्र की गरिमा बनी रहे और स्थानीय जनता व राहगीरों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र और गैरसैंण परिक्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 5 सुपर जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर की निगरानी के लिए एडिशनल एसपी (अपर पुलिस अधीक्षक) और डिप्टी एसपी (पुलिस उपाधीक्षक) रैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को मोर्चे पर तैनात किया गया है। शांति व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 1500 पुलिस जवानों का भारी बल मुस्तैद किया गया है. इस सुरक्षा घेरे में सिविल पुलिस, आर्म्ड पुलिस, ट्रैफिक मैनेजमेंट टीम, प्रांतीय रक्षक दल (PAC), आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS), डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते सहित अन्य खुफिया सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं, जो पल-पल की गतिविधि पर पैनी नजर रख रही हैं।

31 विधायकों ने लगाए हैं 426 सवाल

ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि, विधानसभा सचिवालय की ओर से सत्र के सुचारू संचालन के लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। अध्यक्ष ने भरोसा जताया कि सत्र के दौरान विधायकों को अपनी बात रखने और जनसमस्याओं को सदन में उठाने का पर्याप्त अवसर देने का प्रयास किया जाएगा। सत्र के लिए 31 विधायकों ने 426 सवाल लगाए हैं।

गैरसैंण विधानसभा सत्र में पास और एंट्री को लेकर बदले नियम।

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए अध्यक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि सत्र अवधि में विधानसभा के कर्मचारी भी बिना विधिवत जारी वाहन प्रवेश पत्र के परिसर में अपने वाहन प्रवेश नहीं करा सकेंगे। विधायकों की संस्तुति पर एक और मंत्रियों की संस्तुति पर अधिकतम दो लोगों को ही प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे।

आमजन भी देख सकेंगे विधानसभा की कार्यवाही

विधानसभा सत्र की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग एवं वेबकास्टिंग, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग और आईटी विकास अभिकरण की ओर से की जाएगी। इससे प्रदेश की जनता भी पारदर्शिता के साथ सदन की कार्यवाही से जुड़ सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!