हल्द्वानी तीनपानी फ्लाईओवर हादसा: जेईई बनने का सपना रह गया अधूरा, 2 घरों के बुझ गए चिराग।

हल्द्वानी तीनपानी फ्लाईओवर हादसा: जेईई बनने का सपना रह गया अधूरा, 2 घरों के बुझ गए चिराग।

हल्द्वानी:-24 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए भीषण सड़क हादसे में दो घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए है। घटना के बाद से मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं पूरे क्षेत्र मे शोक की लहर दौड़ गई है। बताते चलें हादसे का शिकार हुए उत्कर्ष और सिद्धांत दोनों दोस्तों ने जेईई बनने के सपने देखे थे। लेकिन उन्हें कहां मालूम था कि एक हादसे के चलते उनके यह सपने हमेशा के लिए अधूरे रहने वाले हैं।

अभी तक मिली जानकारी के अनुसार नैनीताल जिले के हल्द्वानी मुखानी के ऊँचापुल निवासी (16) वर्षीय उत्कर्ष धपोला और (17) वर्षीय देवलचौड निवासी सिद्धांत पाठक अपने अन्य दो दोस्तों के साथ कार में सवार थे। चारों दोस्त कार में बैठकर बीते शुक्रवार की शाम करीब 4:00 बजे काठगोदाम से लालकुआं की ओर जा रहे थे। तभी हल्द्वानी तीनपानी के पास गौला फ्लाईओवर पर उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर सड़क पर पलट गई। यह हादसा इतना दर्दनाक था कि इसमें सभी कार सवार नाबालिक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें लोगों द्वारा तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हादसे में उत्कर्ष और सिद्धांत की मौत हो गई जबकि अन्य दो घायलों का इलाज जारी है। लोगों का कहना है कि यह हादसा इतना दर्दनाक था कि इसमें कार काफी दूर तक घिसटती हुई चली गई और डिवाइडर से भिड़ गई थी।

बताते चलें हादसे का शिकार हुआ उत्कर्ष घर का इकलौता चिराग था जिसकी मौत के बाद से उसके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं दूसरी ओर सिद्धांत दो भाइयों में से छोटा था जिसके मौत से हर कोई सदमे में है। हादसे में घायल भाविका और प्रांजया मारवाड़ी के परिजन उनके ठीक होने की दुआ भगवान से कर रहे है। जानकरी के मुताबिक उत्कर्ष के पिता शैलेंद्र ने हाल ही में कार खरीदी थी। इतना ही नहीं बल्कि करीब 1 साल पहले उन्होंने अपना घर बागेश्वर से आकर हल्द्वानी के ऊंचापुल में बनाया था। बेटे के सुनहरे भविष्य को लेकर उन्होंने कई सारे सपने संजोए थे लेकिन इस हादसे ने उनका सब कुछ छीन लिया है।

बताते चले हादसे का शिकार हुए सिद्धांत के पिता रवी मोहन पाठक अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में इंजीनियर है। परिवार अभी एक माह पहले ही सिद्धांत के दादा के निधन का दुख झेल रहा था ,वहीं अब सिद्धांत की मौत के बाद से उनके परिवार में फिर से मातम पसर गया है। लोगों ने बताया कि कार की रफ्तार 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। कार दूसरी गाड़ी को ओवरटेक करने के बाद अनियंत्रित हुई और कई पलटिया खाते हुए डिवाइडर से टकराई थी। यह हादसा इतना भयानक था कि कार की छत पूरी तरह से पिचक गई थी।

मृतक सिद्धांत पाठक की मां पुष्पलता पाठक ने बताया कि बेटा यह कहकर घर से निकला था कि वह अपने दोस्त उत्कर्ष धपोला से मिलने जा रहा है। उत्कर्ष और सिद्धांत के बीच गहरी दोस्ती थी वह साथ में कोचिंग पढ़ते थे। इसके बाद दोनों का संपर्क प्रांजया मावडी और भाविका से हुआ था। चारों विद्यार्थी 12वीं में पढ़ते थे और जेईई बनने की तैयारी कर रहे थे। बताया जा रहा है उत्कर्ष घर से कार लेकर निकला था। उत्कर्ष और सिद्धांत की मौत के बाद से उनके अन्य दोस्तों में शोक की लहर दौड़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!