जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसा रेस्क्यू अभियान: बेहद दुर्गम पहाड़ी से सभी 6 मृतकों के पार्थिव शरीर बरामद।

जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसा रेस्क्यू अभियान: बेहद दुर्गम पहाड़ी से सभी 6 मृतकों के पार्थिव शरीर बरामद।

सेना,एसडीआरएफ,पुलिस,आईटीबीपी,एनडीआरएफ,वन विभाग व जिला प्रशासन ने सयुंक्त रूप से पूरा किया रेस्क्यू ऑपरेशन।

जोशीमठ (चमोली):-1 नवंबर 2026

उत्तराखंड के चमोली जनपद के अंतर्गत जोशीमठ के समीप हुए दुखद हेलीकॉप्टर क्रैश मामले में राहत एवं बचाव दलों को बड़ी सफलता मिली है। अत्यधिक दुर्गम और ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्र में चले बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के पार्थिव शरीरों को सुरक्षित मलबे से बाहर निकालकर सड़क मार्ग तक पहुंचा दिया गया है।

कड़े भौगोलिक हालातों के बीच संयुक्त रेस्क्यू अभियान

हादसे की सूचना मिलने के बाद से ही ऊंचे हिमालई क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खड़ी चट्टानों के बीच बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाया जा रहा था। इस बेहद जटिल ऑपरेशन को भारतीय सेना,भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF),उत्तराखंड पुलिस, जिला प्रशासन एवं वन विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से संचालित किया। कड़कड़ाती ठंड और दुर्गम रास्तों की परवाह न करते हुए, जांबाज जवानों ने पैदल ही दुर्घटनास्थल तक पहुंच बनाई और मलबे में दबे सभी छह शवों को बाहर निकाला।

जोशीमठ सीएचसी से एम्स ऋषिकेश भेजे गए पार्थिव शरीर

रेस्क्यू टीमों द्वारा अत्यंत कठिन पहाड़ी पगडंडियों से होते हुए सभी छह पार्थिव शरीरों को मुख्य सड़क मार्ग तक लाया गया, जहाँ से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ पहुंचाया गया। अस्पताल में आवश्यक कानूनी और चिकित्सीय औपचारिकताएं (पंचनामा व अन्य प्रक्रियाएं) पूरी करने के पश्चात, सभी पार्थिव शरीरों को एनटीपीसी (NTPC) हेलीपैड लाया गया। वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से सभी शवों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), ऋषिकेश के लिए रवाना कर दिया गया है, जहां आगे का परीक्षण संपन्न होगा। जिला प्रशासन हादसे के कारणों की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।

30 अक्टूबर को हुआ था हादसा, पायलट सहित 6यात्रियों की चली गई थी जान

बताते चलें कि, 30 अक्टूबर को दोपहर के समय ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर VT-HCX, जो बद्रीनाथ धाम से सहस्त्रधारा, देहरादून के लिए लौट रहा था, ज्योतिर्मठ क्षेत्र के हाथी पर्वत के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर में कर्नाटक निवासी 05 श्रद्धालु एवं दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु सहित कुल 06 लोग सवार थे।

हादसे की सूचना मिलते ही चमोली पुलिस, SDRF, NDRF, भारतीय सेना, ITBP एवं जिला प्रशासन की संयुक्त टीम तत्काल रेस्क्यू कार्य में जुट गई। दुर्घटनास्थल अत्यंत दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र एवं घने जंगलों के बीच स्थित होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, खराब मौसम, बर्फबारी और अंधेरे के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने पूरी रात पैदल ट्रेक करते हुए घटनास्थल तक पहुंचने और रेस्क्यू कार्य को अंजाम देने के लिए अथक प्रयास किए।

मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों एवं अत्यधिक अंधेरा होने के कारण शुक्रवार रात्रि को अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था,जहां शनिवार सुबह एक बार फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। संयुक्त टीमों के अथक प्रयासों से सभी 06 लोगों के शवों को कठिन पैदल ट्रेक के माध्यम से सुरक्षित नीचे लाया गया तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ज्योतिर्मठ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा सभी को मृत घोषित किया गया। प्रसाशन द्वारा आज रविवार को 06 मृतकों के शवों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से पोस्टमार्टम हेतु एम्स ऋषिकेश भेजने की व्यवस्था की गई,जहां आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के उपरांत शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

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