जोशीमठ में सीवरेज-पेयजल परियोजना का निर्माण जल्द:डीएम
गोपेश्वर:-19 सितंबर 2026
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा है कि जोशीमठ में 115 करोड़ की सीवरेज-पेयजल परियोजना का कार्य इसी माह जल्द प्रारंभ होगा।
जोशीमठ सीवरेज एवं पेयजल परियोजना की समीक्षा बैठक में संचालित होने वाले कार्यों भूमि चयन, विभागीय अनुमति तथा निर्माण कार्यों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। परियोजना के तहत जोशीमठ क्षेत्र में 3858 सीवरेज कनेक्शन एवं 2701 पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही चार नए पेयजल टैंकों का निर्माण, पुराने टैंकों की रेट्रोफिटिंग, एसटीपी प्लांट की स्थापना तथा सीवरेज एवं हाउसहोल्ड सर्विस कनेक्शन से संबंधित कार्य किए जाएंगे। सभी कार्यों को पूरा करने के लिए मार्च 2029 तक की डे़डलाइन निर्धारित की गई है।
डीएम गौरव कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के कार्यों हेतु सभी संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति एवं एनओसी प्राथमिकता के आधार पर प्राप्त करते हुए एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए कवायद अभी से शुरू करनी होगी। उन्होंने कहा कि जोशीमठ क्षेत्र में श्री बद्रीनाथ धाम यात्रा मार्ग पर कार्य करते समय संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे। इससे निर्माण कार्यों के कारण श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
बैठक में सड़कों पर सीवरेज एवं ड्रेनेज से संबंधित कार्यों के दौरान खुदाई, पाइपलाइन बिछाने तथा रोड रेस्टोरेशन का कार्य साथ-साथ करने के निर्देश दिए गए। इससे सड़क मार्ग को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बाधित न रखना पड़े। उन्होंने 3 एमएलडी एसटीपी प्लांट के लिए भूमि चयन हेतु एसडीएम जोशीमठ को आवश्यक कार्रवाई करने तथा सभी प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराकर उपयुक्त भूमि का चयन सुनिश्चित करने को कहा। आवश्यकता के अनुसार निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे के निस्तारण के लिए डंपिंग जोन का चयन भी नियमानुसार करने पर बल दिया गया।
जल संस्थान के अधिकारियों को परियोजना कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान मौजूदा दौर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
इस दौरान एडीएम विवेक प्रकाश, जोशीमठ के एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी समेत यूयूएसडीए, जल निगम, सिंचाई विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे
