जस्टिस सुभाष उपाध्याय बनेंगे उत्तराखंड हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश,सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी
नैनीताल:-23 सितंबर 2026
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 23 सितंबर 2026 को आयोजित अपनी बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश जस्टिस सुभाष उपाध्याय को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
वर्तमान में उत्तराखंड हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में सेवा दे रहे जस्टिस सुभाष उपाध्याय को कॉलेजियम की मंजूरी मिलने के बाद अब उनके स्थायी न्यायाधीश बनने की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इसे उत्तराखंड के न्यायिक प्रशासन के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। मूल रूप से सल्ट तहसील (जिला अल्मोड़ा) के पैतृक निवासी जस्टिस सुभाष उपाध्याय का जन्म 12 दिसंबर 1972 को हुआ था। लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और एमएसडब्ल्यू की शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने वर्ष 1998 में वकालत की शुरुआत की। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ व उत्तराखंड राज्य गठन के बाद नैनीताल हाईकोर्ट में सिविल, संवैधानिक व सेवा मामलों में लंबे समय तक प्रैक्टिस करने के दौरान वे राज्य के मुख्य स्थायी वकील सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे।इसके बाद 30 मई 2025 को उन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की थी।
बता दें कि जस्टिस सुभाष उपाध्याय को उत्तराखंड हाईकोर्ट को जज बनाए जाने की संस्तुति उत्तराखंड हाईकोर्ट की कॉलिजियम ने सितंबर 2022 में की थी. करीब सात महीने बाद यानी 12 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने सुभाष उपाध्याय को उत्तराखंड हाईकोर्ट का जज बनाये जाने की संस्तुति की थी। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की संस्तुति के भी दो साल यानी मई 2025 में सुभाष उपाध्याय का उत्तराखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया था।
