मौसम विभाग ने पहाड़ों में गरज-चमक के साथ बारिश को लेकर यलो अलर्ट किया जारी।
देहरादून:-17 सितंबर 2026
उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार अब धीमी पड़ने लगी है। प्रदेश के मैदानी इलाकों में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगा है और दिनभर धूप खिलने के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि, पर्वतीय क्षेत्रों में अभी भी बारिश और बौछारों का सिलसिला जारी है। खासकर कुमाऊं मंडल के कुछ क्षेत्रों में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को पर्वतीय जिलों में गरज के साथ बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार 17 सितम्बर को उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है। वहीं, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पर्वतीय इलाकों में कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ तीव्र से अति तीव्र वर्षा के दौर भी देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदलने की संभावना बनी रहेगी।
मैदानी क्षेत्रों में बढ़ने लगा तापमान:- मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के साथ ही प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। कई इलाकों में दिन के समय धूप निकलने से तापमान बढ़ने लगा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी मैदानी क्षेत्रों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कहीं-कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है।
अगले कुछ दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम:- अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने से लेकर मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मैदानी क्षेत्रों में धूप का असर अधिक रहने की संभावना है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में बादल और स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश हो सकती है।
रविवार से शुरू हो सकती है मानसून की विदाई:- मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू और आसपास के क्षेत्र में बना पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ गया है। इसके साथ ही देश में मानसून की वापसी की परिस्थितियां भी बनने लगी हैं। पूर्वानुमान के मुताबिक,आगामी रविवार से पश्चिमी राजस्थान की ओर से मानसून की विदाई का सिलसिला शुरू हो सकता है। हालांकि, उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के कारण मानसून के कमजोर पड़ने के बावजूद कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है।
