पौड़ी गढ़वाल के चौबट्टाखाल में गुलदार को मारने के आदेश जारी,दो शूटर किये गए तैनात।
पौड़ी गढ़वाल-04 अप्रैल 2026
चौबट्टाखाल क्षेत्र में 2 अप्रैल की रात गुलदार ने चार साल की बालिका को अपना निवाला बना दिया था। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के विद्यालयों को 6 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है. इसके अलावा वन विभाग ने गुलदार को मारने के लिए क्षेत्र में दो शूटर भी तैनात कर दिए हैं।
गुरुवार रात पौड़ी जिले के विकासखंड पोखड़ा के कोलागाड़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तिमली के भतकोट गांव में घटी घटना के 24 घंटे बाद वन विभाग की टीम ने इलाके में सक्रियता बढ़ाते गुलदार को पकड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। वन विभाग द्वारा गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। टीम लगातार गांव के आसपास निगरानी कर रही है, ताकि जल्द से जल्द गुलदार को पकड़कर क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।
डीएफओ महातिम यादव ने बताया कि, वन विभाग को संबंधित गुलदार को पकड़ने के साथ ही आवश्यक होने पर उसे नष्ट करने की भी अनुमति मिल चुकी है. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 11(1)(क) के तहत वन संरक्षक गढ़वाल वृत्त की संस्तुति के बाद अनुमति प्रदान की गई है। नरभक्षी गुलदार को पकड़ने के लिए क्षेत्र में 3 पिंजरे और 20 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जबकि अंतिम विकल्प के रूप में उसे मार गिराने के लिए दो विभागीय शूटर भी तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है. प्रशासन द्वारा लोगों से सतर्क रहने और बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की अपील की गई है। इलाके में लगातार गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी और अनहोनी को रोका जा सके। डीएफओ ने स्पष्ट किया कि यह अनुमति केवल चिन्हित गुलदार के लिए ही मान्य होगी और एक माह तक प्रभावी रहेगी। यदि सभी प्रयासों के बावजूद गुलदार पकड़ में नहीं आता है, तो अंतिम विकल्प के रूप में उसे मार गिराने की कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में 6 अप्रैल तक विद्यालय बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
स्कूल खुलने के बाद वन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बच्चों को घर से स्कूल और वापस सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था करेगी। इसके अलावा ग्रामीणों की सुविधा के लिए वन विभाग द्वारा पालतू मवेशियों के लिए चारा-पत्ती की भी व्यवस्था की जा रही है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और सहयोग करने की अपील की है, ताकि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो सके। उधर, इस बीच घटना की सूचना मिलते ही उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल 4 अप्रैल शनिवार को गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में गुलदार के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लेकिन सरकार और वन विभाग अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाल पाए हैं। जिस कारण आए दिन मासूम लोगों की जान जा रही है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि, कांग्रेस लगातार सरकार और वन विभाग को पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते वन्यजीव हमलों को लेकर चेताती रही है. लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है. ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा के साथ-साथ कृषि और बागवानी पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है. कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है और अनेक परिवारों को अपूरणीय क्षति का सामना करना पड़ा है.
गोदियाल ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि, पहाड़ों में रहने वाले लोग भय के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी. साथ ही उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए और क्षेत्र में वन्यजीवों के आतंक को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाए. उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि उनकी आवाज को सरकार और संबंधित विभागों तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे
