मोबाइल चलाने से डांटा तो चमोली में 14 वर्षीय छात्रा ने उठाया आत्मघाती कदम,अपनी जीवन लीला की समाप्त।
नारायणबगड़ (चमोली):-24 जून 2026
उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। नारायणबगड़ विकासखंड के एक गांव में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय किशोरी ने कथित रूप से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिजनों की डांट से आहत होकर छात्रा ने यह कदम उठाया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक नारायणबगड़ क्षेत्र के किमोली गांव निवासी रमेश की पुत्री मीनाक्षी स्थानीय विद्यालय में आठवीं कक्षा की छात्रा थी। इन दिनों स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा था, जिसके कारण वह अधिकांश समय घर पर ही रह रही थी। परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ समय से मीनाक्षी मोबाइल फोन पर काफी समय बिताने लगी थी। दिनभर मोबाइल देखने की उसकी आदत को लेकर परिवार चिंतित था और कई बार उसे समझाने का प्रयास भी किया गया था।परिजनों ने एक बार फिर उसे मोबाइल का अत्यधिक उपयोग करने को लेकर समझाया और डांट-फटकार लगाई। बताया जा रहा है कि इस बात से किशोरी नाराज हो गई। कुछ देर बाद वह घर के दूसरे कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों को चिंता हुई। जब उन्होंने कमरे की ओर जाकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।घटना का पता चलते ही परिजन तत्काल किशोरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन डिमरी ने बताया कि छात्रा को अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। सोमवार रात शव को कब्जे में लिया गया। मंगलवार को उपनिरीक्षक संदीप देवरानी ने पंचनामा भरने की कार्रवाई पूरी की, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेज दिया गया। पुलिस मामले की सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है।
एक होनहार छात्रा की असमय मौत ने गांव समेत पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। स्थानीय लोग इस घटना को बेहद दुखद बता रहे हैं। वहीं यह मामला अभिभावकों और समाज के लिए भी एक गंभीर संदेश छोड़ गया है कि किशोरावस्था में बच्चों की मानसिक स्थिति, भावनाओं और व्यवहार को समझना कितना जरूरी है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। मीनाक्षी की असामयिक मौत ने एक खुशहाल परिवार की दुनिया उजाड़ दी है और पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
