रुद्रपुर में बीजेपी नेता पर डंपर मालिक से अवैध वसूली का आरोप,पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज।
ऊधमसिंह नगर-14 मई 2026
उत्तराखंड की धामी सरकार जहां भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं उधम सिंह नगर के रुद्रपुर से भाजपा नेता पर अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। एक डंपर स्वामी ने भाजपा नेता पर पुलिस कार्रवाई से बचाने और वाहनों को छुड़वाने के नाम पर हर महीने हजारों रुपये वसूलने का आरोप लगाया है।पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अब आरोपी भाजपा नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी बीजेपी अनुसूचित मोर्चा का जिला महामंत्री हैं।
उधम सिंह नगर जनपद के जिला मुख्यालय रुद्रपुर में खनन से जुड़े वाहनों से अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम जाफरपुर निवासी राम सिंह पुत्र फूल सिंह ने शहर के भाजपा नेता विकास सागर पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी थी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। पीड़ित राम सिंह का कहना है कि उसके दो डंपर रेता-बजरी ढुलाई का कार्य करते हैं। आरोप है कि पिछले कई महीनों से रुद्रपुर की इंदिरा कॉलोनी निवासी विकास सागर, जो स्वयं को प्रभावशाली भाजपा नेता बताता है, उससे हर महीने लगभग 70 हजार रुपये की वसूली कर रहा था। आरोपी कथित तौर पर यह भरोसा दिलाता था कि यदि उसके वाहन ओवरलोडिंग, परमिट या दस्तावेजों की कमी के कारण पुलिस अथवा किसी विभाग द्वारा पकड़े जाते हैं तो वह अपने राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव का इस्तेमाल कर बिना अतिरिक्त खर्च के वाहन छुड़वा देगा।
तहरीर के अनुसार आरोपी नकद के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी रकम लेता रहा। पीड़ित ने बताया कि वह लंबे समय से दबाव में आकर पैसे देता रहा, क्योंकि उसे डर था कि कहीं उसके वाहन बार-बार कार्रवाई की जद में न आ जाएं। घटना ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब 14 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 9 बजे राम सिंह का एक डंपर किच्छा रोड पर पुलिस ने रोक लिया और उस पर 77 हजार 500 रुपये का चालान कर दिया। उसके बाद पीड़ित ने विकास सागर को फोन कर मदद मांगी। आरोप है कि विकास सागर ने उसे बिलासपुर रोड स्थित डिग्री कॉलेज के पास बुलाया और फिर खुद को साथ लेकर सीओ सिटी कार्यालय पहुंचा। राम सिंह के मुताबिक आरोपी कुछ देर तक सीओ सिटी कार्यालय के अंदर रहा और बाहर आकर उसने दावा किया कि पूरा मामला ‘सेट’ कर दिया गया है।
पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद जब वह आरोपी को उसके बताए स्थान पर छोड़ने जा रहा था, तभी विकास सागर उसका मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी ने ऐसा इसलिए किया ताकि दोनों के बीच हुए लेन-देन और बातचीत के सबूत मिटाए जा सकें। पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसके साथ लंबे समय से सुनियोजित तरीके से आर्थिक शोषण किया गया और अब आरोपी सबूत मिटाने की कोशिश कर रहा है। उसने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विकास सागर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस प्रकरण के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
