गैरसैंण में खुलेगा आलू प्रसंस्करण केन्द्र,बनेंगे चिप्स,भुजिया,फ्रेंच,जैसे उत्पाद।

गैरसैंण में खुलेगा आलू प्रसंस्करण केन्द्र,बनेंगे चिप्स,भुजिया,फ्रेंच,जैसे उत्पाद।

एसबीआई फाउंडेशन एवं भुवनेश्वरी के संयुक्त यूनिट से खुलेंगे रोजगार के द्वार।

गैरसैंण-31 जुलाई 2026
रिपोर्ट:-प्रेम संगेला.

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में अब जल्द ही आलू प्रसंस्करण केन्द्र खोलकर चिप्स वेफर्स भुजिया फ्रेंच फ्राइज जैसे विभिन्न उत्पाद तैयार कर पैकेजिंग व मार्केटिंग की जाएगी।भारतीय स्टेट बैंक फाउंडेशन के सहयोग एवं भुवनेश्वरी महिला आश्रम के संसाधनों पर यह यूनिट खोले जाने का निर्णय लिया गया है। भुवनेश्वरी महिला आश्रम के स्वामी मन्मंथन सभागार में आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों,उद्यानपतियों,विभागीय कर्मचारियों की उपस्थिति में आलू आधारित उद्योग खोलने पर गहन विचार विमर्श किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक भुवनेश्वरी महिला आश्रम के प्रबंधक गिरीश डिमरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के काश्तकारों को बेहतर कृषी उत्पादन के लिए प्रेरित करने एंव रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आलू प्रसंस्करण यूनिट लगाये जाने का निर्णय लिया गया है,जिसमें लगभग 25 लाख की लागत आएगी भारतीय स्टेट बैंक फाउंडेशन से अनुदान के रूप में मदद मिलेगी। यूनिट के संचालित होने के बाद उसे कोऑपरेटिव मोड में संचालित कर आम ककाश्ताकारों को भी जोड़कर दोहरे लाभ का भागीदार बनाया जाएगा।

इस अवसर पर उद्यान के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रहे खनसर क्षेत्र के कंडारीखोड गांव निवासी कौशल रावत ने कहा कि हमें सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के साथ ही अपने स्तर से भी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पैदा करने से ही अच्छा दाम हमें मिलेगा,जिससे खेती किसानी को रोजगार के साधन के रूप में अपनाने वालों की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और पंचायतों को चाहिए कि गांवों में बेवजह की योजनाओं पर पैसा खर्च करने के बजाय खेती किसानी बचाने व बढाने के संसाधनों पर खर्च कर लोगों के विश्वास को बढ़ाया जा सकता है।

उद्यान विभाग मेहलचोचौरी के प्रभारी आशीष कुमार ने कहा कि कृषि उद्यान या सब्जी उत्पादन से जुड़े काश्तकारों को बीज की गुणवत्ता से लेकर उपयोग की जाने वाली विभिन्न दवाओं के इस्तेमाल से बेहतर पैदावार प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि सरकार स्तर पर तमाम योजनाएं संचालित हो रही है जिसकी जानकारी पंहुचाकर लाभ दिया जा रहा है।

इस अवसर पर राम गंगा किसान फेडरेशन गैरसैंण के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत व त्रिलोक सिंह नेगी ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानियां उत्पादन के बिक्री को लेकर आती है ।जहां कई बार अच्छे दाम न मिलाना खेती किसानी घाटे का सौदा साबित होती है तो वहीं कई बार जो फेडरेशन वितरण का काम करते हैं किसान उनको वायदे के अनुसार अपने उत्पाद न देकर अन्यत्र बेच देते हैं ,जिससे काम करने वाली फेडरेशन ओर समितियों के बंद होने से नुकसान होता है।

इस अवसर पर काश्तकार नगर निवासी दीपा देवी,लक्ष्मी देवी आदि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें कृषि से जुड़े योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है। विभागीय अधिकारी नगरों के लिए इन योजनाएं के संचालित न होने की बात करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र सिराणा से पहुंचे बुजुर्ग बुद्धे सिंह ने कहा कि कई ग्रामीणों ने मिलकर सेब उगाने का प्रयास किया लेकिन जंगली जानवरों सहित चिड़ियाओं ने सारी फसल चौपट कर दी। परिवर्तन समिति के महेशानंद जुयाल ने कहा की यदि आलू प्रसंस्करण यूनिट का संचालन सफर रहा तो भविष्य में अन्य ईकाईयां भी खुलेंगी। इस अवसर पर काश्तकार होशियार सिंह,शोबन सिंह,बुध्दिबल्लभ,चैत सिंह,बुद्धे सिंह, रूप सिंह,संग्राम सिंह,दलीप सिंह रावत, दीपा देवी,लक्ष्मी देवी,राधा देवी,आशा,कुसुम,सोनी शकुंतला,सहित बड़ी संख्या में मेहलचौरी,भराड़ीसैंण,रोहिडा,कुनीगाड,माईथान,गैरसैंण, मेहरगांव,पंचाली क्षेत्र के काश्तकार उपस्थित रहे।

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