राजस्थान:2024 बैच की स्टेट टॉपर और नादौती की एसडीएम काजल मीणा 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार।
राजस्थान-18 अप्रैल 2026
राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) की 2024 बैच की स्टेट टॉपर और नादौती की एसडीएम काजल मीणा भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में फंस गई हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने उन्हें जमीन बंटवारे की फाइनल डिक्री जारी करने के एवज में 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप कर लिया। इस कार्रवाई में उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और वरिष्ठ सहायक यूडीसी प्रवीण धाकड़ को भी गिरफ्तार किया गया।
एसीबी की टीम ने सवाई माधोपुर यूनिट के माध्यम से कार्रवाई की। परिवादी की शिकायत पर सत्यापन के बाद छापा मारा गया। जांच में पता चला कि शुरुआत में 1 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसे बाद में 60 हजार रुपये में तय किया गया। रीडर दिनेश ने एसडीएम काजल मीणा के लिए 50 हजार और खुद के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत ली।
कार्रवाई के दौरान प्रवीण धाकड़ के बैग से 60 हजार रुपये की रिश्वत राशि के अलावा करीब 4 लाख रुपये की अतिरिक्त संदिग्ध नकदी भी बरामद हुई है। अब एसीबी इस अतिरिक्त रकम के स्रोत की भी गहन जांच कर रही है।
काजल मीणा का करियर काफी उज्ज्वल रहा है। उन्होंने आईआईटी मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में काम किया, दिल्ली में दूरसंचार विभाग में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (एएसओ) और ईपीएफओ में अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं।
प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी छोड़कर उन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) का रास्ता चुना। 2024 बैच में वे ST कैटेगरी टॉपर रहीं और अपनी मेहनत से प्रशासनिक सेवा में छाप छोड़ी। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग प्रतापगढ़ जिले के सुहागपुरा में बतौर असिस्टेंट कलेक्टर (ट्रेनिंग) हुई, लेकिन उन्होंने वहां जॉइन नहीं किया।
अक्टूबर 2025 में उन्हें करौली जिले के नादौती उपखंड में एसडीएम पद पर पोस्टिंग मिली, जहां वे मात्र कुछ महीनों में ही विवादों में घिर गईं। उनकी स्थानीय स्तर पर मजबूत रिश्तेदारी और प्रभाव की चर्चा पहले से थी, लेकिन अब यह रिश्वत कांड उनके पूरे करियर पर सवालिया निशान लगा गया है।
मामला जमीन के बंटवारे (तकासमा) से जुड़ा है। परिवादी ने शिकायत की कि SDM काजल मीणा के कार्यालय से उसके काम के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। एसीबी ने जाल बिछाया और तीनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस घटना ने पूरे राजस्थान प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।
