इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को राहत, 5 दिन से जेल में थी बंद।

इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को राहत, 5 दिन से जेल में थी बंद।

हल्द्वानी- 13 जनवरी 2026

हल्द्वानी में गिरफ्तार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को आखिरकार अदालत से राहत मिल गई है। एसीजे कोर्ट सेकेंड ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। जमानती दस्तावेज और मुचलके की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ज्योति की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। वह गुरुवार से न्यायिक हिरासत में थीं और करीब पांच दिन बाद जेल से बाहर आएंगी।

इससे पहले शुक्रवार को कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन दोबारा हुई सुनवाई में अदालत ने सशर्त जमानत मंजूर की। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब कानूनी औपचारिकताओं के पूरा होते ही उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहली सुनवाई में नैनीताल पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए जमानत का विरोध किया था। पुलिस का कहना था कि ज्योति अधिकारी सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ सकती हैं, धार्मिक भावनाएं आहत कर सकती हैं और जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर सकती हैं। पुलिस ने यह भी आशंका जताई थी कि लगातार वीडियो बनाकर वह गवाहों और शिकायतकर्ताओं पर दबाव डाल सकती हैं। इन्हीं दलीलों के आधार पर कोर्ट ने पहले जमानत देने से इनकार कर दिया था।

क्या है पूरा मामला⤵️

पुलिस के अनुसार, 7 जनवरी 2026 को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान ज्योति अधिकारी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह हाथ में दरांती लहराते हुए दिखाई दीं। आरोप है कि वीडियो में उन्होंने कुमाऊं की महिलाओं और स्थानीय लोक देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसके बाद 8 जनवरी को शिकायतकर्ता जूही चुफाल ने मुखानी थाने में तहरीर दी। पुलिस ने ज्योति को पूछताछ के लिए बुलाया और दिनभर की पूछताछ के बाद रात करीब 11 बजे गिरफ्तार कर लिया.अदालत में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

नोटिस मिला – तब….⤵️

पुलिस जब ज्योति अधिकारी के घर नोटिस देने पहुंची थी, तब उन्होंने इसका भी वीडियो बना लिया था। वीडियो में वह लोगों से कहती नजर आई थीं- “मुझे बधाई तो दे दो”। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ.पुलिस का कहना था कि इस तरह की गतिविधियों से जांच प्रभावित होने का खतरा था।

मुखानी थाने में ज्योति अधिकारी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर हथियार लहराना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। इसके अलावा गवाह और वादिनी को धमकाने के आरोप में पुलिस स्वयं वादी बनकर एक और मामला दर्ज कर चुकी है।

सोशल मीडिया पर पहचान और पुराने विवाद⤵️

ज्योति अधिकारी सोशल मीडिया पर तीखे और भावनात्मक वीडियो बनाने वाली इन्फ्लुएंसर के रूप में जानी जाती हैं। शुरुआत में डांस और एंटरटेनमेंट से जुड़े कंटेंट के जरिए पहचान बनाई, फेसबुक लाइव और इंस्टाग्राम शॉर्ट्स उनके प्रमुख प्लेटफॉर्म रहे हैं। हिंदी और कुमाऊंनी मिश्रित भाषा में उनकी शैली ने उन्हें लोकप्रियता दिलाई, लेकिन यही शैली समय-समय पर विवादों की वजह भी बनी।इससे पहले भी वह कई विवादों में रह चुकी हैं – 2022 में अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में सिर मुंडवाकर प्रदर्शन और अक्टूबर 2025 में लाइव वीडियो में सनसनीखेज़ बयान सुर्खियों में रहे। जनवरी 2026 में बुद्ध पार्क में दरांती लहराने का मामला अब तक का सबसे गंभीर विवाद माना जा रहा है।

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