महाविद्यालय की समस्याओं को लेकर एबीवीपी पोखरी इकाई का क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी।
पोखरी (चमोली):- 22 अगस्त 2026
रिपोर्ट – ललिता प्रसाद लखेड़ा
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं एवं महाविद्यालय की लगातार गिरती छात्र संख्या के समाधान की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पोखरी इकाई द्वारा शुरू किया गया क्रमिक अनशन आज दूसरे दिन भी जारी रहा।
परिषद का कहना है कि महाविद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है, लेकिन लगातार घटती छात्र संख्या गंभीर चिंता का विषय है। महाविद्यालय में शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाना आवश्यक है,ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य स्थानों की ओर पलायन न करना पड़े।
एबीवीपी ने अपनी सात सूत्रीय प्रमुख मांगों में कहा कि छात्र- छात्राओं के परीक्षा परिणाम में सुधार किया जाए तथा लंबित एवं अनियमित परिणामों का शीघ्र समाधान किया जाए.आवश्यक विषयों में प्राध्यापकों की नियुक्ति की जाए,ताकि शिक्षण व्यवस्था सुचारु हो सके। एन.ई.पी पाठ्यक्रम की पर्याप्त पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और पुस्तकालय को आवश्यक पुस्तकों से समृद्ध किया जाए। कहा गया है कि एमएससी एवं अन्य आवश्यक स्नातकोत्तर विषयों की व्यवस्था महाविद्यालय में की जाए। एनसीसी की सुविधा महाविद्यालय में उपलब्ध कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। महाविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं में सुधार किया जाए, जिसमें स्वच्छ पेयजल,स्वच्छता,शौचालय,छात्र-छात्राओं की आवश्यक सुविधाएं एवं अन्य आधारभूत व्यवस्थाएं शामिल हैं। कहा कि, महाविद्यालय की लंबित विकास एवं आधारभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए,ताकि महाविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार हो और छात्र संख्या में वृद्धि हो सके।
विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कहा कि क्रमिक अनशन प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक जारी रहेगा। यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि महाविद्यालय एवं क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के हित में किया जा रहा है। इस मौके पर विद्यार्थी परिषद ने महाविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से सातों मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है। परिषद ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के हितों से जुड़े इन मुद्दों के समाधान तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
