एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां बनाने का खेल उजागर, उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक आरोपी गिरफ्तार।

एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां बनाने का खेल उजागर, उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक आरोपी गिरफ्तार।

पौड़ी गढ़वाल:-06 जुलाई 2026

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्रियां और शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल करने वाले बड़े फर्जीवाड़े का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक आरोपी को दबोचा है. आरोपी के कब्जे से विश्वविद्यालय की फर्जी अंकतालिकाएं, कूटरचित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद हुए हैं। वहीं, पुलिस अब इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

जानकारी के मुताबिक, एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक जय सिंह चौहान ने मार्च महीने में श्रीनगर कोतवाली में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों में कार्यरत युवाओं की डिग्री एवं अंकतालिकाओं की प्रतियां सत्यापन के लिए विश्वविद्यालय भेजी गई थीं।

जांच के दौरान इन दस्तावेजों का विश्वविद्यालय के मूल अभिलेखों से मिलान किया गया,लेकिन कई डिग्रियां और अंकतालिकाएं विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा सकीं। जांच में ये भी सामने आया कि अलग-अलग विभागों से संबंधित कई अन्य डिग्रियां और मार्कशीट भी संदिग्ध पाई गईं, जिनका विवरण विश्वविद्यालय के आधिकारिक अभिलेखों में उपलब्ध नहीं था। इससे विश्वविद्यालय प्रशासन को आशंका हुई कि कुछ लोगों की ओर से युवाओं को फर्जी डिग्रियां और अंकतालिकाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनका इस्तेमाल नौकरी समेत अन्य कार्यों में किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा नियंत्रक ने इसकी पूरी जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति को दी।

वहीं, कुलपति के निर्देश पर श्रीनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय के नाम, अंकतालिकाओं, उपाधि प्रारूपों, विश्वविद्यालय की आधिकारिक मोहरों और संबंधित अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरों का अवैध रूप से निर्माण कर उन्हें असली दस्तावेजों के रूप में विभिन्न स्थानों पर इस्तेमाल किया जा रहा है। इस शिकायत के आधार पर कोतवाली श्रीनगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 318(4), 336(3), 336(4), 338 एवं 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. साथ ही विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पौड़ी एसएसपी सर्वेश पंवार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के निर्देश दिए।

आरोपी कासिफ कलीम गिरफ्तार-

इसके बाद कोतवाली श्रीनगर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों, संपर्क सूत्रों और गतिविधियों की गहन पड़ताल की। तमाम सुरागरसी और जानकारी जुटाते हुए स्थानीय पुलिस के सहयोग से उत्तर प्रदेश के बिजनौर में दबिश देकर नामजद आरोपी कासिफ कलीम को गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी मार्कशीट समेत अन्य दस्तावेज बरामद-

पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से विश्वविद्यालय से संबंधित कई फर्जी अंकतालिकाएं, कूटरचित शैक्षणिक दस्तावेज समेत अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद किए गए हैं. गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पूछताछ में आरोपी कासिफ ने बताया कि वो पहले डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून में बीएससी का छात्र था। परीक्षा में असफल होने के बाद उसने नौकरी पाने और खुद को शैक्षणिक रूप से योग्य साबित करने के मकसद से फर्जी मार्कशीट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करने शुरू कर दिए।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करने वाला संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने लोगों ने इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं? पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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