एम्बुलेंस में हुई मौत मामले की जांच को लेकर गर्भवती महिला के पति अपने दो बच्चों और माँ के साथ बैठा धरने पर।
थराली (चमोली):-21 जुलाई 2026
29 जून को विकासखंड थराली के लेटाल गांव की गर्भवती सरिता देवी को प्रसव पीड़ा के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली लाया गया, महिला की स्थिति बिगड़ने के बाद महिला को कर्णप्रयाग हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन कर्णप्रयाग पहुंचने से पहले ही जच्चा- बच्चा दोनों ने ही रास्ते में एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया ।
घटना के बाद गर्भवती महिला के परिजनों ने थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा स्टाफ पर लापरवाही बरतने और 4 घण्टे तक थराली अस्पताल में रोकने का आरोप लगाते हुए इस घटना के लिए चिकित्सा स्टाफ की लापरवाही को जिम्मेदार बताया, साथ ही एम्बुलेंस में भी ऑक्सिजन सिलेंडर न होने का आरोप लगाते हुए इस घटना की जांच और लापरवाह डॉक्टरों पर कार्यवाही की मांग की थी।
लंबा समय बीत जाने के बाद भी जांच न होने पर मृतक महिला के पति नरेंद्र कुमार मंगलवार को अपने 2 मासूम बच्चों नितिन व नेहा और अपनी मां के साथ थराली मोटरपुल पर ही धरने पर बैठ गए,मृतका के पति ने जांच न होने पर पिंडर नदी में छलांग लगाने की तक चेतवानी दे दी, जिसके बाद उपजिलाधिकारी थराली यशवीर रावत ने मौके पर पहुंचकर नरेंद्र कुमार को उठाया और समझा बुझाकर तहसील ले गए, जहां नरेंद्र कुमार से वार्ता कर उपजिलाधिकारी थराली ने नरेंद्र कुमार की मांगों को सुना ,इस मामले में पूछे जाने पर नरेंद्र ने बताया कि इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी इस मामले की जांच नहीं हो पाई है।
वहीं उन्होंने बताया कि,कल उन्हें इस मामले पर बयान देने के लिए एक कॉल आया था और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुलाया गया था,लेकिन सुबह जब वो अस्पताल पहुंचे तो जांच टीम वहां नहीं पहुंची थी, उनके द्वारा जांच टीम को दोबारा फोन किया गया तो जांच टीम द्वारा आने की स्थिति स्पष्ट करने की बजाय गुमराह किया गया, जिसके बाद वो अपने बच्चों के साथ थराली पुल पर ही धरने पर बैठ गए।
