अल्मोड़ा में दर्दनाक हादसा: 100 मीटर गहरी खाई में गिरा ट्रैक्टर-ट्रॉला,दो युवकों की मौके पर मौत।
अल्मोड़ा-29 मई 2026
उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है जहां शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। कफड़खान-सिरकोट-शैल मोटरमार्ग पर ग्राम गधोली के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉला अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉला संख्या यूके 02-सीए 0073 सुंदरपुर के समीप गधोली क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रैक्टर-ट्रॉला सड़क से करीब 100 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना के दौरान जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना गंभीर था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
इस दर्दनाक हादसे में 26 वर्षीय चत्ते राजी पुत्र गंगा राम निवासी कैलाली, नेपाल और 22 वर्षीय उमेश पुत्र रमेश निवासी अजीतपुर, जिला रामपुर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दोनों युवकों की असमय मौत की खबर मिलते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर गहरा दुख और चिंता का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। खाई की गहराई और दुर्गम परिस्थितियों के कारण शवों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।लंबे रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों शवों को खाई से बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से बेस अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने पंचायतनामा सहित अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में ट्रैक्टर-ट्रॉला के अनियंत्रित होने को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच कर रही है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी और परिस्थितिजन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पहाड़ी सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत किए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
