नंदा बड़ी जात की उत्सव डोलियों का रामणी गांव में अद्भुत मिलन।
चमोली:-12 सितंबर 2026
रिपोर्ट- रजपाल बिष्ट।
नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से चली मां नंदा की बड़ी जात तथा बधाण की नंदा राजराजेश्वरी की लोकजात यात्रा धीरे धीरे शबाब पर पहुंचती जा रही है। इसके चलते मां नंदा के पड़ावों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ रहा है। हर ओर मां नंदा के जयकारों से लोक गुंजयमान हो रहा है। शनिवार को नंदा की बड़ी जात में शामिल बंड नंदा की उत्सव डोली रामणी गांव पहुंच गयी है। इसी तरह कुरूड़ दशोली की नंदा की ड़ोली भी रामणी गांव पहुंची तो दोनों देव डोलियों के मिलन से श्रद्धालु अभिभूत हो उठे। लोकजात यात्रा के तहत बधाण की नंदा की उत्सव डोली चेपड़ों से धार तल्ला के प्रवास पर पहुंच गई है। बंड नंदा की डोली गौणा गांव से गौणा डांडा, विनायकधार से होते हुए रात्रि प्रवास को रामणी गांव पहुंची। दशोली कुरूड की नंदा डोली ल्वाणी गांव से सुंग, बौठाखाल होते हुए रामणी गांव पहुंची तो दोनों देव डोलियों और छंतोलियों के परस्पर मिलन से लोग भाव विभोर हुए।
नंदा की बड़ी जात में रामणी गांव में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बंड, फर्सवाण फाट,क्षेत्रपाल,निजमुला घाटी की 50 से अधिक छंतोलियाँ के मिलन ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ग्रामीणों ने पौराणिक लोकगीतों और जागरों तथा पुष्प वर्षा के साथ सभी डोलियों और छंतोलियों की आगवानी की। रामणी गांव के भूमियाल चैक में देवताओं के पश्वाओं के हैरंतगेज करतब लोगों को खूब भाए।
बंड नंदा डोली की के साथ अशोक गौड़, भूमियाल की छंतोली के साथ नरेंद्र खाती, गेंदाणु छंतोली के साथ जगत सिंह नेगी, बंड मंदिर समिति के अध्यक्ष जगत सिंह नेगी, सचिव रघुनाथ सिंह फस्र्वाण, प्रदीप नेगी समेत तमाम लोग शामिल हैं।
बधाण की राजराजेश्वरी लोकजात यात्रा की पुष्पवर्षा से आगवानी
पिछले 5 सितंबर को कुरूड़ से चली बधाण की श्री नंदा राजराजेश्वरी की उत्सव डोली लोकजात यात्रा के तहत लगातार अगले पड़ावों की ओर बढ़ती जा रही है। चेपड़ों से चली उत्सव डोली कोठी गांव पहुंची। कोठी गांव में मांगलगीतों से देव डोली व श्रद्धालुओं का जोरदार स्वागत किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने डोली के दर्शन व पूजा-अर्चना की। इसके बाद देव डोली रात्रि प्रवास पर धरातल्ला को रवाना हुई। कोठी गांव के नंदा चैक में देव नृत्य का आयोजन हुआ। यहां पर ग्रामीणों ने मां नंदा को श्रृंगार सामग्री व नई फसल अर्पित की। इस बार गढवाल व कुमाऊं से काफी संख्या में लोकजात यात्रा में लोग शामिल हैं। भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कोठी में महिलाओं ने लोक जागर व झोड़ा की सुंदर प्रस्तुति दी। देर शाम को कोठी के ग्रामीणों ने देव डोली को धरातल्ला पहुंचाया। डोली के स्वागत में धरातल्ला में दो दिवसीय सेलपाती उत्सव प्रारंभ हुआ। रविवार की सुबह पूजा अर्चना के बाद मां नंदा की डोली धरामल्ला, पूर्णा, देवाल बाजार होते इच्छोली गांव में रात्रि प्रवास करेगी।
कोठी गांव में दिन भर पुलिस की रही चैकसी
शनिवार को कुमाऊं से सैकडों की संख्या में श्रद्धालु बधाण की देव डोली के दर्शन के लिए नंदकेशरी पहुंचे लेकिन मां नंदा की डोली के कोठी से धरातल्ला जाने की सूचना पर श्रद्धालु कोठी गए। श्री नंदा राजराजेश्वरी नंदा की डोली व यात्रा को लेकर प्रशासन चैकन्ना रहा है। कोठी गांव में काफी संख्या में पुलिस के जवान व अधिकारी दिनभर मौजूद रहे। कोठी से डोली नंदाधाम नंदकेशरी मंदिर जाएगी या धरातल्ला। इस पर असमंज की स्थिति बनी थी। इस कारण कोठी व नंदकेशरी में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई लेकिन डोली के साथ चल रहे गौड पुजारियों व कोठी के ग्रामीणों की सहमति पर डोली को धरातल्ला ले जाया गया। डोली के धरातल्ला जाने पर पुलिस प्रशासन ने नंदकेशरी व देवाल के लिए प्रस्थान किया। कोठी गांव दिनभर पुलिस की छावनी बनी रही। देवाल बाजार में भी शनिवार की सुबह से ही पुलिस तैनात रही। पुलिस ने बाजार से वाहनों को हटाया। बाजार में काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही। सबसे ज्यादा सुरक्षा कर्मी की तैनाती वाण गांव में की गई है। कोठी से वाण तक करीब 250 से अधिक फोर्स की तैनाती की गई है। कोठी के बाद वाण व वेदनी बुग्याल को संवेदनशील पड़ाव बताया जा रहा है।
