पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना पर ED की रेड के बाद कांग्रेस में सभी संगठनात्मक पदों से दिया इस्तीफा।
देहरादून:-12 सितंबर 2026
उत्तराखंड की सियासत में शनिवार को उस वक्त बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया,जब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया.यह फैसला उनके पूर्व ओएसडी और सहयोगी चंदन सिंह जीना के ठिकाने पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की कार्रवाई के बाद सामने आया है।
ईडी की कार्रवाई के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है.रिपोर्टों के मुताबिक जांच एजेंसी ने चंदन सिंह जीना के आवास पर छापेमारी के दौरान 32 लाख रुपये नकद, करीब 200 ग्राम सोना और बैंक खातों में लगभग 52 लाख रुपये की राशि मिलने की बात सामने आई है.इन संपत्तियों और धनराशि के स्रोत को लेकर जांच की जा रही है।
हरीश रावत बोले—जवाबदेही से पीछे नहीं हटूंगा
हरीश रावत ने अपने इस्तीफे के फैसले को लेकर कहा कि उनके सहयोगी के घर पर कार्रवाई के जरिए उनके और उनके साथियों के खिलाफ एक राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है.उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और संस्थानों के दुरुपयोग से भी जोड़ा है. साथ ही उन्होंने जांच में सहयोग करने की बात कही है।
उत्तराखंड कांग्रेस में बढ़ी राजनीतिक हलचल
हरीश रावत के इस्तीफे को उत्तराखंड कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है.रावत राज्य की कांग्रेस राजनीति के सबसे प्रमुख चेहरों में रहे हैं और ऐसे समय में जब उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं, उनका यह फैसला पार्टी के भीतर और बाहर नई चर्चाओं को जन्म दे सकता है। हालांकि, ईडी की छापेमारी से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ओएसडी चंदन सिंह जीना के घर से संपत्ति या नकदी मिलने मात्र से भ्रष्टाचार अथवा अपराध साबित नहीं होता,क्योंकि बरामदगी की प्रकृति,धन के स्रोत और उससे जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल ईडी की कार्रवाई और हरीश रावत के इस्तीफे ने उत्तराखंड की सियासत को गरमा दिया है.आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
हरीश रावत के समर्थन में आगे आए पूर्व मंत्री नैथानी
पर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ओएसडी रहें चंदन सिंह जीना के घर पर हुईं ईडी की छापेमारी के बाद पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी नें इसे दुर्भाग्यपूर्व करार दिया है.नैथानी नें ज़ारी अपने एक बयान में कहा कि ईडी की कार्यवाही ऐसे समय में हुईं है ज़ब उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव सर पर है,उन्होने कहा कि राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर यह छापेमारी की गईं,ताकि कांग्रेस पार्टी कों राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाया जा सकें.उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पक्ष में चुनावी माहौल बनता देख भाजपा नें यह छापेमारी करवाई है.पूर्व मंत्री नैथानी नें कहा कि खुद हरीश रावत कई बार कह चुके है की ज़ब भी उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होंगे उससे पहले कांग्रेसियों के घर CBI और ED की छापेमारी की कार्यवाई के जरिए भाजपा उन्हें डराने का प्रयास करेंगी।मंत्री प्रसाद नैथानी नें प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस प्रकार की छापेमारी से डरने वाली नहीं है और इसका सड़कों पर अब मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
