UKSSSC VPDO भर्ती घोटाला: पूर्व सीएम हरीश रावत के पूर्व OSD/PA के ठिकानों पर ED की बड़ी कार्रवाई।

UKSSSC VPDO भर्ती घोटाला: पूर्व सीएम हरीश रावत के पूर्व OSD/PA के ठिकानों पर ED की बड़ी कार्रवाई।

देहरादून:-11 सितंबर 2026

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के वर्ष 2016 के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व विशेषाधिकारी (OSD) और निजी सहायक (PA) चंदन सिंह जीना के परिसरों व ठिकानों पर छापेमारी की है।

नकदी, सोना और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद

सूत्रों और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान ईडी की टीमों ने आरोपी के ठिकानों से बड़ी मात्रा में नकदी (लगभग 32 लाख रुपये), सोना और संपत्ति से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत इस पूरे मामले की गहन वित्तीय जांच कर रही है।

क्या है VPDO भर्ती घोटाला?

वर्ष 2016 में आयोजित UKSSSC की VPDO (ग्राम पंचायत विकास अधिकारी) भर्ती परीक्षा में OMR शीट में हेरफेर और धांधली के गंभीर आरोप लगे थे। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद से ही इसमें फर्जीवाड़े और रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आई थीं।

राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और विजिलेंस जांच में भी धांधली की पुष्टि हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में आयोग के शीर्ष अधिकारियों समेत कई लोगों पर गाज गिरी थी। अब ईडी इस पूरे घोटाले में हुए पैसों के लेनदेन और अवैध संपत्तियों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

यह मामला UKSSSC की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VDO) परीक्षा-2016 में OMR शीट से कथित छेड़छाड़ से जुड़ा है। ईडी की जांच के अनुसार सुरक्षित अभिरक्षा में रखी OMR शीट कथित तौर पर तत्कालीन सचिव के निजी आवास तक पहुंचाई गई थीं। आरोप है कि खाली छोड़े गए रोल नंबर वाली OMR शीट निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को दी गईं, जिन्होंने खाली उत्तर वाले गोले भरने के बाद उन्हें दोबारा सील किया।

जांच एजेंसी के मुताबिक, इस प्रक्रिया के बदले अवैध रूप से रकम लिए जाने के संकेत मिले हैं. मामले में तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और निजी कंप्यूटर एजेंसी से जुड़े लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है। ईडी ने हरीश सिंह रावत से जुड़े परिसर की भी तलाशी ली। एजेंसी की प्रेस रिलीज के मुताबिक चंदन सिंह जीना वर्ष 2014 से 2017 के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में OSD के रूप में तैनात रहे थे। हालांकि ED की प्रेस रिलीज में उन्हें (हरीश रावत) इस मामले का आरोपी नहीं बताया गया है।

ईडी ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। एजेंसी अब बरामद नकदी, सोने, लग्जरी घड़ियों और बैंक खातों में मौजूद रकम के स्रोत की जांच कर रही है। VDO परीक्षा 2016 की कथित अनियमितताओं, ओएमआर (OMR) शीट में हेर फेर और इससे जुड़े धन के लेन-देन की जांच जारी है।

पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी रहे पूर्व OSD/PA के खिलाफ ईडी की इस बड़ी कार्रवाई के बाद उत्तराखंड के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसी की कार्रवाई अभी जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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